Pratap Sarnaik In Navbharat Conclave: महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र की जीवनरेखा कही जाने वाली एसटी बसों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक में तब्दील किए जाने का कार्य किया जाएगा। डीजल ईंधन की महंगाई और अन्य कारणों के चलते एसटी निगम के बढ़ते घाटे को कम करने के अनेक उपाय किए जा रहे हैं। इनमें एसटी बसों के बेड़े में नई बसें शामिल करने के साथ अब भविष्य में ईवी वाहनों पर ही जोर दिया जाएगा।
नवभारत-नवराष्ट्र द्वारा आयोजित प्रोग्रेसिव महाराष्ट्र कॉनक्लेव में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि 2036 तक स्टेट ट्रांसपोर्ट के बेड़े में एक भी ऐसी बस नहीं होगी जो इलेक्ट्रोमेटिक न हो।
कॉनक्लेव में नवभारत के स्थानीय संपादक बृजमोहन पांडेय एवं नवराष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि अनिकेत जोशी द्वारा रिक्शा टैक्सी चालकों को मराठी भाषा ज्ञान को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दो टूक कहा कि यदि रिक्शा टैक्सी चालकों को व्यवसाय करना है तो उन्हें मराठी भाषा का व्यवहारिक ज्ञान होना ही चाहिए। जिन्हें मराठी का व्यवहारिक ज्ञान नहीं है उन्हें 110 दिन का समय दिया गया है। यदि उसके बाद भी उन्हें मराठी नहीं आती तो कार्रवाई जरूर की जाएगी।
प्रताप सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र पहला ऐसा राज्य है,जहां सरकार आगे आकर परप्रांतीय रिक्शा टैक्सी ड्राइवरों को मराठी भाषा सिखाने की पहल कर रही है। मुंबई और राज्य के अन्य शहरों में सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं बल्कि दक्षिण भारत और गुजरात के रिक्शा टैक्सी ड्राइवर भी हैं। लोग सिर्फ हिंदी भाषी के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। लोग अब मराठी भाषा सीखने के लिए आगे आ रहे हैं। मराठी साहित्य संघ भी व्यवहारिक मराठी सीखा रहा है। मराठी को लेकर अब लोगों में गर्व है। परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि रिक्शा टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा के व्यवहारिक ज्ञान का नियम काफी पुराना है। पैसेंजर और चालकों के हित में हमने निर्णय लिया है।
ईंधन की बढ़ती कीमतों के असर एसटी के आम यात्रियों पर पड़ने के सवाल पर परिवहन मंत्री ने कहा कि बढ़ीं पेट्रोल डीजल की कीमतों का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ST कॉर्पोरेशन पर सालाना 150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इसके अलावा महिलाओं, छात्रों, बुजुर्गों को एसटी निगम किराए में छूट दे रहा है। 8 हजार नई बसें आ रहीं हैं। परिवहन मंत्री ने कहा कि
कॉर्पोरेशन को अप्रैल 2026 में लगभग 76 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। फ्यूल की बढ़ती कीमत का सीधा असर कॉर्पोरेशन की फाइनेंशियल हालत पर पड़ रहा है,इसलिए भविष्य में पैसेंजर किराए में बढ़ोतरी पर फैसला लेना पड़ सकता है।
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एक सवाल के जवाब में परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार ST से सफर करने वाले आम यात्रियों पर पैसे का बोझ कम करने के लिए कई ऑप्शन पर विचार कर रही है। जैसे फ़्यूल बचाने, ई-बसों का ज़्यादा इस्तेमाल, खर्च कंट्रोल और रेवेन्यू बढ़ाने के उपायों पर खास ज़ोर दिया जा रहा है।