Next Generation Infrastructure 2030: नवभारत ग्रुप द्वारा मुंबई के फाइव स्टार होटल ताज प्रेसिडेंट में आयोजित Progressive Maharashtra Conclave में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उनके मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ मंत्री एवं राज्य में उद्योग एवं इंफ्रा क्षेत्र के कई दिग्गज प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। स्वयं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जहां राज्य को नंबर एक बनाए रखने के लिए विकास का रोड मैप बताया वहीं वरिष्ठ अधिकारियों ने भी आने वाले वर्षों के लिए मुंबई एमएमआर सहित राज्य में इंफ्रा विकास का मॉडल पेश करते हुए कहा कि पिक्चर अभी बाकी है।
नेक्स्ट जनरेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर 2030 पर हुए चर्चा सत्र में भाग लेते हुए मुंबई महानगर विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के आयुक्त डॉ संजय मुखर्जी ने कहा कि मुंबई एमएमआर का इलाका राज्य का ग्रोथ इंजन है। डॉ संजय मुखर्जी ने कहा कि महाराष्ट्र का मुम्बई एमएमआर देश का एकमात्र ऐसा स्थान है,जहां तीन तीन पोर्ट होने वाले हैं। देश के सबसे बड़े ग्रीन पोर्ट वाधवन पोर्ट की शुरुआत हो चुकी है।
डॉ संजय मुखर्जी ने बताया कि मुंबई में कम से कम 1 घन्टे में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा जा सके इस दृष्टि से इंफ्रा विकास हो रहा है। 300 किमी से ज्यादा के मेट्रो प्रोजेक्ट 2027 तक खत्म होंगे। आयुक्त डॉ मुखर्जी ने बताया कि नीति आयोग के साथ इकोनॉमि प्लान तैयार हुआ है। इसके चलते एमएमआर 2030 तक 3 मिलियन डॉक्टरी इकोनॉमी होगा। एक सवाल कब जवाब में डॉ संजय मुखर्जी ने कहा कि महाराष्ट्र 1 नंबर पर है और आगे भी रहेगा।
2047 तक की तस्वीर और अलग होगी। नई पॉलिसी के साथ 7 सूत्री विकास होगा। जिसमें रोड, रेल, जलमार्ग का और तेजी से विस्तार होने वाला है। सीएम देवेंद्र फडणवीस के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार के सभी विभागों का समन्वय अच्छा है। सभी मिलकर काम करने वाले हैं। डॉ संजय मुख़र्जी ने बताया कि मुंबई की एरिया बढ़ने वाली है, इससे
लार्जेस्ट हाउसिंग प्रोजेक्ट भी बढ़ने वाले हैं। इसका पॉजिटिव असर राज्य इकोनॉमी पर होगा।उन्होंने कहा कि यूनिफाइड कंट्रोल है। अब तीसरी मुम्बई बन रही है।अटल सेतु से तस्वीर बदल गई है। इस समय 1.60 लाख करोड़ के इंफ्रा प्रोजेक्ट चल रहे हैं। एमएमआरडीए, सिडको, म्हाडा के साथ अन्य प्राधिकरण लगे हुए हैं। कम से कम 9 प्रतिशत की ग्रोथ रेट का लक्ष्य है।
राज्य के उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ पी अनबलगन ने कहा कि महाराष्ट्र में इंडस्ट्री के लिए प्रेरक माहौल एवं इकोसिस्टम बना हुआ है। सरकार और प्रशासन पर निवेशकों का विश्वास है। इसलिए एमओयू के निवेश में कन्वर्ट होने का प्रमाण भी देश में सबसे ज्यादा है। उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ अनबलगन ने कहा कि राज्य में शहरी आबादी बढ़ी है,सबसे अच्छा इको सिस्टम बना है।
आज न्यू एज डेवलपमेंट में महाराष्ट्र सबसे आगे जा रहा है। चाहे इंडस्ट्री हो या इंफ्रास्ट्रक्चर इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकास के चलते ही रोजगार और जीवनयापन के साधन बढ़ रहे हैं। उद्योग विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि इंडस्ट्री के लिए लगने वाली ऊर्जा का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ रहा है। राज्य में सौर ऊर्जा के साथ अन्य ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिल रहा है। प्रदूषणरहित इंडस्ट्री के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। डॉ अनबलगन ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से राज्य के हर इलाक़े में उद्योगों के लिए इकोसिस्टम तैयार हुआ है।
चर्चासत्र में हिस्सा लेते हुए सिडको के एमडी डॉ विजय सिंघल ने कहा कि महाराष्ट्र का मुंबई देश का पहला राज्य है,जहां एक नहीं दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू हो गए हैं। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट रिकॉर्ड समय में शुरू हो गया है। दोनों इंटरनेशनल एयरपोर्ट मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट से जुड़ने वाले हैं। दोनों एयरपोर्ट पर मेट्रो ट्रेन और वाटर टैक्सी की सुविधा होगा। विजय सिंघल ने कहा कि 10 फॉरेन यूनिवर्सिटी नवी मुंबई में आ गई हैं।
एजुसिटी प्रोजेक्ट 2 साल में साकार होगा। इंटरनेशनल एजुकेशन सिटी भी बनेगा। सिडको के एमडी ने बताया कि 250 एकड़ में मेडिसिटी बनने जा रही है। नवी मुंबई में मेडिकल कॉलेज से लेकर विर्ल्ड क्लास अस्पताल से लेकर शोध संस्थान तक बनेगा।
उन्होंने कहा कि 22500 हेक्टेयर में नैना सिटी डेवलप हो रही है। यू ही नहीं कहते कि सिडको सिटी बनाता है। सिटी के साथ लॉजिस्टिक,एजुसिटी मेडिसिटी, एयरोसिटी भी बन रही है। कॉरपोरेट से लेकर कॉमन मैन तक को इस सर्वव्यापक सिटी का लाभ मिलने वाला है।
"नेक्स्ट जनरेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर 2030" चर्चा सत्र में भाग लेते हुए एमएसआरडीसी के एमडी अनिल कुमार गायकवाड़ ने राज्य में सड़कों के विकास का मॉडल पेश किया। एमडी अनिल कुमार गायकवाड़ ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी भूमिका है। एमएसआरडीसी ने राज्य के बड़े प्रकल्प में उड़ानपुल से लेकर समृद्धि महामार्ग को सफलता पूर्वक पूरा किया गया है। 701 किमी के समृद्धि मार्ग के लिए 30 हजार किसानों को पैसा दिया गया। इससे उनके परिवार को लाभ हुआ। आज मुंबई पुणे मिसिंग लिंक को कनेक्टिंग लिंक बना है। यह बहुत ही चुनौतीपूर्ण कार्य था। 60 मंजिली इमारत की ऊंचाई वाला देश का सबसे ऊंचा केबल ब्रिज टायगर वैली में बना। कनेक्टिंग लिंक पर ही सबसे चौड़ी सुरंग गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल हुई है।
सी लिंक बांद्रा वर्सोवा के साथ 169 किमी का रिंग रोड बनाया जाएगा। विरार तक सी लिंक का विस्तार होगा। एमएसआरडीसी के एमडी अनिल कुमार गायकवाड़ ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य भर में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर इस तरह डेवलप हो कि लोग वाहन से मात्र 6 से 7 घन्टे में राज्य के एक कोने से दूसरे कोने में पहुंच सकें। इस समय राज्य में 8 बिलियन डॉलर के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। आगे आने वाले 2030 तक यह बढ़ोतरी 25 बिलियन डॉलर तक होगी। चर्चा सत्र में नवभारत के ग्रुप एडिटर संजय तिवारी एवं नवराष्ट्र की डिजिटल एडीटर प्रतिभा अय्यर के सवालों को जवाब देते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार बोल ही नहीं रही है, बल्कि काम करके दिखा रही है।
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चर्चासत्र में शामिल राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का विशेष सम्मान नवभारत-नवराष्ट्र के ग्रुप प्रेसिडेंट श्रीनिवास राव ने किया। इस अवसर पर अधिकारियों को नवभारत का वह विशेष अंक फ्रेम करके दिया गया,जिस दिन उनका जन्म हुआ था। कॉनक्लेव में शामिल हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज्य के अन्य वरिष्ठ मंत्री एवं अधिकारियों ने नवभारत की इस विशेष पहल की प्रशंसा भी की।