Devendra Fadnavis Plan: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगामी नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले को लेकर सरकार का विजन साझा किया है। फडणवीस ने बुधवार (6 मई) को स्पष्ट किया कि नासिक में होने वाला यह महाकुंभ अब तक का सबसे आधुनिक और डिजिटली एडवांस्ड आयोजन होगा। सरकार का लक्ष्य तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए न केवल भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) को सुलभ बनाना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देकर इसे इको-फ्रेंडली कुंभ बनाना भी है।
फडणवीस ने बताया कि प्रयागराज कुंभ 2025 का आयोजन लगभग 4,000 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में किया गया था, लेकिन नासिक की भौगोलिक स्थिति और स्थान की उपलब्धता प्रयागराज की तुलना में काफी सीमित है। उन्होंने कहा, नासिक में स्थान की अपनी सीमाएं हैं, इसलिए हम तकनीक और डिजिटल समाधानों का सहारा लेंगे ताकि गोदावरी के तट पर जुटने वाली विशाल भीड़ को कुशलतापूर्वक और सुरक्षित रूप से प्रबंधित किया जा सके।
पर्यावरण को होने वाले नुकसान की चिंताओं को खारिज करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने जोर देकर कहा कि यह आयोजन पूरी तरह से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार होगा। सरकार की योजना कुंभ मेले को कार्बन फुटप्रिंट पॉजिटिव बनाने की है। इसके लिए कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र और हरित ऊर्जा के उपयोग पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोदावरी नदी की पवित्रता और उसके पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को कोई नुकसान न पहुँचे, इसके लिए कड़े सुरक्षा मानक तय किए जा रहे हैं।
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आगामी सिंहस्थ कुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रियल-टाइम अपडेट्स, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और डिजिटल हेल्प डेस्क जैसी आधुनिक तकनीकों का समावेश होगा। फडणवीस का मानना है कि 'डिजिटली साक्षर' कुंभ मेला न केवल सुरक्षा के लिहाज से बेहतर होगा, बल्कि यह पूरी दुनिया के सामने भारत की बढ़ती तकनीकी शक्ति का एक उदाहरण पेश करेगा।