Narhari Zirwal On His Viral Video: महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष नरहरी झिरवाल पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक विवादित वीडियो के कारण चर्चा के केंद्र में बने हुए थे। इस वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की बहस और साजिश के आरोपों को जन्म दे दिया था। मामले के तूल पकड़ने के बाद झिरवाल ने स्वयं मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष स्पष्ट किया और बताया कि यह वीडियो किस प्रकार उन्हें फंसाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर बनाया गया है।
झिरवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि वायरल वीडियो पूरी तरह से बनावटी है और इसमें दिख रही गतिविधियों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने तकनीक का हवाला देते हुए बताया कि यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एक खतरनाक उदाहरण है। उनके अनुसार, वीडियो में उनके चेहरे के हाव-भाव और आवाज को इस तरह से जोड़ा गया है कि वह पहली नजर में असली प्रतीत हो, लेकिन वह पूरी तरह कृत्रिम है।
नरहरी झिरवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल एक मजाक नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक करियर को नुकसान पहुँचाने के लिए रचा गया एक षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग व्यक्तिगत द्वेष या राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए समाज में उनके प्रति गलत संदेश फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। झिरवाल ने जनता और अपने समर्थकों से अपील की है कि वे तकनीक के इस दुरुपयोग और भ्रामक अफवाहों पर बिल्कुल भी विश्वास न करें।
इस डिजिटल हमले के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उपाध्यक्ष ने आधिकारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि जांच एजेंसियां उस स्रोत का पता लगाएं जहाँ से यह वीडियो सबसे पहले साझा किया गया था। साइबर क्राइम ब्रांच अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि वीडियो बनाने के लिए किस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया और इसके पीछे किन व्यक्तियों या संगठनों का हाथ है।
नरहरी झिरवाल ने जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने आगाह किया कि सोशल मीडिया पर इस तरह के फर्जी कंटेंट को बढ़ावा देना और वायरल करना भी अपराध की श्रेणी में आता है। फिलहाल, पुलिस वीडियो की फॉरेंसिक जांच कर रही है और झिरवाल को उम्मीद है कि जल्द ही सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।