'पत्नी की साड़ी प्रेस कर दो', हॉस्टल से बुलाकर किशोरी से की छेड़छाड़, देवरी में पूर्व प्राचार्य की घिनौनी हरकत

Gondia Crime News: गोंदिया के देवरी में 15 वर्षीय किशोरी से विनयभंग के मामले में सेवानिवृत्त प्राचार्य काशीनाथ शहारे 6 दिन से फरार। पुलिस ने POCSO के तहत मामला दर्ज किया।
Retired Principal Molest Girl in Gondia
गोंदिया शर्मसार: हॉस्टल में रहने वाली नाबालिग से पूर्व प्राचार्य की घिनौनी करतूत (फोटो क्रेडिट-X)
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Retired Principal Molest Girl Gondia: गोंदिया जिले के देवरी तहसील में गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक सेवानिवृत्त प्राचार्य ने अपने ही घर में संचालित निजी छात्रावास में रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ विनयभंग करने का प्रयास किया। यह घटना 28 अप्रैल की बताई जा रही है, जिसने जिले में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, आरोपी ने उसे घर के भीतर बुलाने के लिए अपनी पत्नी की साड़ी पर प्रेस कराने का बहाना बनाया था।

छात्रा जब साड़ी प्रेस करने के लिए गई, तो आरोपी काशीनाथ शहारे ने उसका हाथ जबरन पकड़ लिया और उसे कमरे के भीतर ले गया। आरोप है कि उसने किशोरी को पैसों का लालच देकर उसकी मर्जी के खिलाफ गलत काम करने की कोशिश की। किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर पीड़िता ने आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुँचा।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल

इस गंभीर मामले में प्राथमिकी दर्ज हुए 6 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक आरोपी प्राचार्य को गिरफ्तार करने में विफल रही है। स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि एक शिक्षित और प्रतिष्ठित पद पर रहे व्यक्ति द्वारा ऐसा घिनौना कृत्य करने के बावजूद वह कानून की पकड़ से दूर है। पुलिस की इस सुस्त कार्रवाई से पीड़िता और उसके परिवार में असुरक्षा का भाव बना हुआ है।

POCSO के तहत मामला दर्ज और पुलिस का पक्ष

देवरी पुलिस ने आरोपी काशीनाथ शहारे के विरुद्ध यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जिला पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे ने मीडिया को जानकारी दी है कि आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर विभिन्न स्थानों पर भेजी गई हैं। उन्होंने विश्वास जताया है कि आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

राज्य में बढ़ते महिला अत्याचार और सामाजिक चिंता

महाराष्ट्र में पिछले कुछ समय से महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि हुई है। गोंदिया की यह घटना सामाजिक मूल्यों के पतन को दर्शाती है, जहाँ एक सेवानिवृत्त शिक्षक जैसा जिम्मेदार व्यक्ति ही रक्षक के बजाय भक्षक बन बैठा है। स्थानीय संगठनों ने मांग की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।

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