Nana Patekar Family Relationship: एक तरफ बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अपनी दमदार अदाकारी, कड़क आवाज और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, तो वहीं अपने घर परिवार में वे एकदम अलग तरह के इंसान थे। भलेहि उन्होंने पर्दे पर जितने भी कड़े और आक्रामक किरदार निभाए हों, असल जिंदगी में वह बेहद संवेदनशील और सादगी पसंद इंसान हैं। नाना पाटेकर अपनी नीजी जिंदगी को चकाचौंध से दूर रखना पसंद करते हैं। यही वजह है कि फैंस उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानते हैं।
आज उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गयी है। इस खबर को सुनकर लोग दुखी हैं। साथ ही उनके जीवन से जुड़ी यादों को साझा कर रहे हैं। इस मौके पर आइए जानते हैं नाना पाटेकर की पत्नी नीलकांति, उनके बेटे मल्हार और उनके पारिवारिक रिश्तों की कुछ बेहद खास और अनसुनी बातें....
नाना पाटेकर की पत्नी का नाम नीलकांति पाटेकर है। जहां आज के दौर में स्टार वाइव्स लाइमलाइट में रहने का कोई मौका नहीं छोड़तीं, वहीं नीलकांति इससे कोसों दूर रहती हैं।
नाना और नीलकांति की मुलाकात थिएटर के दिनों में हुई थी। नीलकांति उस समय एक बैंक में काम करती थीं और साथ ही नाटक भी किया करती थीं। दोनों का प्यार परवान चढ़ा और उन्होंने बेहद सादगी से शादी कर ली।
कहा जाता है कि शादी के शुरुआती दिनों में नाना पाटेकर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, और नीलकांति ने घर चलाने में उनका पूरा साथ दिया। हालांकि, बाद में वैचारिक मतभेदों के कारण दोनों अलग रहने लगे, लेकिन उन्होंने कभी तलाक नहीं लिया।
आज भी दोनों के बीच एक बेहद सम्मानजनक और गहरा रिश्ता है। नीलकांति आज भी बेहद सादा जीवन जीती हैं और नाना के हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ी नजर आती हैं।
नाना पाटेकर और नीलकांति के बेटे का नाम मल्हार पाटेकर है। स्टार किड होने के बावजूद मल्हार कभी किसी बड़ी पार्टी या पैपराजी के सामने नजर नहीं आते। मल्हार ने अभिनय के बजाय फिल्म निर्माण को अपने करियर के रूप में चुना है। मल्हार पाटेकर लाइमलाइट से दूर रहकर पर्दे के पीछे काम करना पसंद करते हैं। उन्होंने फिल्म मेकिंग की बारीकियां सीखी हैं और कई प्रोजेक्ट्स में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया है।
मल्हार का मानना है कि सिनेमा केवल कैमरे के सामने दिखने का नाम नहीं है, बल्कि कहानी को पर्दे पर उतारने के पीछे की मेहनत सबसे अहम होती है। नाना पाटेकर भी अपने बेटे के इस फैसले का पूरा सम्मान करते हैं और उन्हें अपने दम पर पहचान बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
नाना पाटेकर के पारिवारिक जीवन में एक ऐसा मोड़ भी आया था जिसने उन्हें अंदर से झकझोर कर रख दिया था। मल्हार से पहले नाना और नीलकांति का एक और बेटा था, जिसका जन्म से ही स्वास्थ्य ठीक नहीं था और महज दो साल की उम्र में उसका निधन हो गया। इस दुख ने नाना को गहराई से प्रभावित किया।
नाना पाटेकर अपनी मां के भी बेहद करीब थे। मां के निधन के बाद वह अक्सर अपने गांव वाले घर में जाकर समय बिताते हैं। वह एक सुपरस्टार होने के बावजूद जमीन पर बैठकर खाना खाना, खुद खाना बनाना और किसानों की मदद करना पसंद करते हैं।
नाना पाटेकर का परिवार इस बात का सबूत है कि बॉलीवुड की चमक-धमक के बीच भी जमीन से जुड़े रहकर और सादगी से जिया जा सकता है। नीलकांति का शांत स्वभाव और मल्हार की पर्दे के पीछे रहकर कुछ बड़ा करने की चाहत, इस परिवार को सबसे अलग और खास बनाती है।