रोहिणी खडसे सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

MVA की जीत से बढ़ा कार्यकर्ताओं का मनोबल, रोहिणी खडसे का महायुति पर हमला, बैलेट पेपर से डरती है सरकार

Rohini Khadse Statement: विधान परिषद चुनाव में एमवीए की 3 सीटों पर जीत के बाद रोहिणी खडसे ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बैलेट पेपर, पेपर लीक और बालिका शिक्षा के मुद्दों पर महायुति को घेरा।

रूपम सिंह

Highlights

  • रोहिणी खडसे ने महाविकास आघाड़ी की जीत का श्रेय दिया।

  • पेपर लीक पर सरकार को घेरा।

  • लड़कियों की पढ़ाई और कुपोषण पर चिंता जताई।

MVA Victory MLC Elections Rohini Khadse NCP: महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव में महाविकास आघाड़ी (MVA) ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि सत्तारूढ़ महायुति को दो सीटें मिली हैं। इस नतीजे के बाद विपक्षी खेमे में उत्साह है।

वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता और महिला प्रदेशाध्यक्ष रोहिणी खडसे ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने को लेकर सवाल उठाए हैं।

बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

रोहिणी खडसे ने कहा कि विधान परिषद चुनाव में महाविकास आघाड़ी के तीन उम्मीदवारों की जीत पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने इसे मतदाताओं के विश्वास का प्रतीक बताया। खडसे ने दावा किया कि महायुति सरकार को लेकर जनता में नाराजगी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को बैलेट पेपर से होने वाले चुनावों पर भरोसा है, लेकिन सरकार ऐसे चुनाव कराने से डर रही है। उनके इस बयान के बाद चुनाव प्रक्रिया और बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरा

रोहिणी खडसे ने पेपर लीक के मामलों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी इस प्रकरण में शामिल आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने सड़कों पर उतरकर आंदोलन भी किया, लेकिन इसके बावजूद दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। खडसे के मुताबिक, स्नातक मतदाताओं ने मतदान के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की है।

आर्थिक तंगी से लड़कियों की पढ़ाई प्रभावित

रोहिणी खडसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण कई परिवार लड़कियों की पढ़ाई बीच में ही छुड़वा रहे हैं। कई जगह परिवार आर्थिक दबाव के चलते लड़कों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हैं, जबकि लड़कियों की पढ़ाई रोक दी जाती है।

उन्होंने यह भी चिंता जताई कि राज्य के कई जिलों में कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक है। इन समस्याओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) की महिला आघाड़ी की ओर से राज्य के विभिन्न हिस्सों में दौरा किया जा रहा है।

सरकार तक पहुंचाई जाएंगी समस्याएं

खडसे ने बताया कि महिला आघाड़ी के दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं, बच्चियों और बच्चों से जुड़े मुद्दों की जानकारी जुटाई जा रही है। दौरे में सामने आने वाली समस्याओं को पार्टी नेतृत्व के माध्यम से सरकार के सामने रखा जाएगा, ताकि संबंधित मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की जा सके।

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