धर्मध्वजारोहण से पहले नासिक-त्र्यंबकेश्वर में हाई अलर्ट, मंदिर और कुशावर्त तीर्थ पर कड़ा पहरा; जगह-जगह पुलिस

Nashik Trimbakeshwar Temple Security: सिंहस्थ कुंभ के धर्मध्वजारोहण और राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे से पहले पुलिस सुरक्षा बढ़ाई गई। मंदिर-कुशावर्त तीर्थ पर तैनाती, मॉक ड्रिल और विशेष इंतजाम किए गए।
Nashik Trimbakeshwar Temple Security Mock Drill
नासिक त्र्यंबकेश्वर मंदिर सुरक्षा मॉक ड्रिलसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • धर्मध्वजारोहण और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे को लेकर त्र्यंबकेश्वर में हाई अलर्ट।

  • मंदिर, कुशावर्त तीर्थ और तेली गली में पुलिस बल तैनात।

  • नासिक ग्रामीण पुलिस ने त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की मॉक ड्रिल की।

  • समारोह में प्रवेश के लिए पास हासिल करने नागरिकों और श्रद्धालुओं की कतारें।

  • राष्ट्रपति के दौरे से पहले त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर की विशेष लाइटिंग हटाई गई।

  • सुरक्षा प्रतिबंधों और प्रशासनिक समन्वय की कमी पर स्थानीय नागरिकों की नाराजगी।

Nashik Trimbakeshwar Temple Security Mock Drill: नासिक -त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ के धर्मध्वजारोहण समारोह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए त्र्यंबकेश्वर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मंदिर, कुशावर्त तीर्थ और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है। नासिक ग्रामीण पुलिस ने त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की मॉक ड्रिल भी की। वहीं, सुरक्षा प्रतिबंधों से स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है।

धर्मध्वजारोहण से पहले पुलिस सुरक्षा के कड़े इंतजाम

नासिक -त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ के धर्मध्वजारोहण समारोह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए त्र्यंबकेश्वर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शुक्रवार से शनिवार तक शहर में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। नासिक ग्रामीण पुलिस की ओर से त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मॉक ड्रिल भी की गई।

श्री त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, कुशावर्त तीर्थ और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों में जगह-जगह पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। शनिवार को होने वाले मुख्य समारोह के दौरान सुरक्षा के विशेष नियम लागू रहेंगे।

मंदिर और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस तैनात

तेली गली, कुशावर्त तीर्थ और श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर सहित प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए पुलिस ने विभिन्न स्तरों पर मॉक ड्रिल की।

पुलिस अधीक्षक डॉ. स्वामी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में यह अभ्यास संपन्न हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के काफिले की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए वाहनों की रिहर्सल भी पूरी कर ली गई है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं, ताकि समारोह और प्रस्तावित दौरे के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

समारोह के पास के लिए लग रही कतारें

धर्मध्वजारोहण समारोह में प्रवेश के लिए पास हासिल करने की होड़ मची हुई है। नागरिक, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु पास के लिए अधिकारियों तथा आयोजकों से संपर्क कर रहे हैं।

दूसरी ओर, कुंभ मेला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारी मंदिर परिसर तथा कुशावर्त तीर्थ क्षेत्र का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है।

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सुरक्षा प्रतिबंधों से स्थानीय नागरिकों में नाराजगी

समारोह की तैयारियों के बीच स्थानीय नागरिकों की नाराजगी भी सामने आई है। शहरवासियों का आरोप है कि कुंभ मेला प्रशासन और नगर परिषद स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए बिना फैसले ले रहे हैं।

सुरक्षा प्रतिबंधों और प्रशासनिक समन्वय की कमी के कारण रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ शहरवासियों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

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राष्ट्रपति के दौरे से पहले मंदिर की लाइटिंग हटाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे से पहले त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर में लगाई गई विशेष विद्युत रोशनी हटा दी गई है। सिंहस्थ कुंभ के धर्मध्वजारोहण समारोह के अवसर पर मंदिर को आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया था।

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति मंदिर की प्राचीन वास्तुकला, पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी और ऐतिहासिक कलाकृतियों को स्पष्ट रूप से देख सकें, इसलिए प्रशासन और देवस्थान ट्रस्ट ने लाइटिंग हटाने का निर्णय लिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मंदिर आगमन दोपहर के समय प्रस्तावित है। ऐसे में दिन के उजाले में विद्युत रोशनी की आवश्यकता नहीं समझी गई। मंदिर की दीवारों और शिखरों पर लाइटिंग लगाने के लिए लगाई गई पट्टियों के कारण प्राचीन नक्काशी और कलाकृतियां स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थीं।

लाइटिंग हटाए जाने के बाद स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं के बीच इसके कारणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। प्रशासन की ओर से समारोह और राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।