उल्हासनगर के सेंट्रल हॉस्पिटल के प्रवेश द्वार पर हुई घटना।
ऑटो रिक्शा में महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी सतीश करले ने तुरंत डॉक्टरों को बुलाया।
डॉक्टरों और पुलिसकर्मी की मदद से रिक्शा में ही कराया गया प्रसव।
मां और नवजात दोनों की हालत स्थिर बताई गई।
Mumbai Ulhasnagar Central Hospital Auto Rickshaw Delivery: उल्हासनगर के सेंट्रल हॉस्पिटल के प्रवेश द्वार पर एक महिला ने ऑटो रिक्शा में ही बच्चे को जन्म दिया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी सतीश करले ने महिला की हालत देखकर तुरंत डॉक्टरों को बुलाया। पुलिसकर्मी और डॉक्टरों की तत्परता से सुरक्षित प्रसव कराया गया। मां और नवजात दोनों की हालत स्थिर बताई गई है।
मुंबई शहर, उल्हासनगर में पुलिसकर्मी और डॉक्टरों की तत्परता से एक गर्भवती महिला की ऑटो रिक्शा में सुरक्षित डिलीवरी कराने का मामला सामने आया है। रविवार को उल्हासनगर कैंप-3 स्थित सरकारी सेंट्रल हॉस्पिटल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास यह घटना हुई। पुलिसकर्मी सतीश करले की सूझबूझ और समय पर की गई मदद से महिला को तत्काल चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।
जानकारी के अनुसार, पुलिसकर्मी सतीश करले रविवार को सेंट्रल हॉस्पिटल में गार्ड ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान वे अस्पताल के सामने गश्त कर रहे थे। तभी उन्हें अस्पताल के प्रवेश द्वार के पास खड़े एक ऑटो रिक्शा से महिला के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी।
आवाज सुनते ही सतीश करले तुरंत ऑटो की ओर दौड़े। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि महिला को तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी और प्रसव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। इस दौरान महिला का पति भी मदद के लिए गुहार लगा रहा था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिसकर्मी ने बिना देर किए सहायता जुटाने का निर्णय लिया।
महिला की हालत देखते हुए सतीश करले तुरंत अस्पताल के भीतर पहुंचे और डॉक्टरों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे डॉक्टरों को साथ लेकर ऑटो रिक्शा के पास पहुंचे। डॉक्टरों और पुलिसकर्मी की तत्परता से ऑटो रिक्शा में ही महिला का प्रसव कराया गया। महिला ने बच्चे को जन्म दिया।
इस घटना में पुलिसकर्मी की सूझबूझ और डॉक्टरों की तत्काल मदद से महिला को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों की हालत स्थिर बताई गई है। संकट की घड़ी में पुलिसकर्मी और चिकित्सा टीम के बीच बेहतर समन्वय से महिला को समय पर मदद मिल पाई।