शिवाजी पार्क में सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी।
कार्यकर्ताओं की धरपकड़ के बाद शिवसेना भवन के बाहर जुटे शिवसैनिक।
पुलिस पर शिवसेना भवन में घुसने की कोशिश का आरोप।
आदित्य ठाकरे, तेजस ठाकरे और अमित ठाकरे ने किया विरोध।
हिरासत में लिए गए सभी आंदोलनकारियों को रिहा किए जाने की जानकारी
Mumbai Police Shiv Sena Bhavan Aditya Thackeray CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी के आंदोलन के समर्थन में मुंबई के शिवाजी पार्क और शिवसेना भवन के आसपास तनाव की स्थिति बन गई। शिवसेना (UBT) ने आरोप लगाया कि युवासेना कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के लिए पुलिस ने शिवसेना भवन में घुसने की कोशिश की। विरोध और धरने के बाद हिरासत में लिए गए सभी आंदोलनकारियों को रिहा कर दिया गया।
इस कार्रवाई का शिवसेना (UBT) के नेताओं और मनसे नेता अमित ठाकरे ने विरोध किया। उनके समर्थन में कार्यकर्ता जुटने लगे, जिससे शिवाजी पार्क और शिवसेना भवन के आसपास तनाव की स्थिति बन गई।
शिवसेना (UBT) ने आरोप लगाया कि युवासेना के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के लिए पुलिस ने दादर स्थित शिवसेना भवन में घुसने की कोशिश की। इस आरोप के बाद शिवसैनिक नाराज हो गए और भवन के बाहर बड़ी संख्या में जमा होने लगे।
कार्यकर्ताओं की धरपकड़ के दौरान पुलिस और शिवसैनिकों के बीच तीखी बहस और झड़प होने की जानकारी सामने आई। शिवसैनिकों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया। हालांकि, शिवसेना भवन में प्रवेश की कोशिश को लेकर पुलिस का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है।
युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे और तेजस ठाकरे ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की। वहीं, मनसे नेता अमित ठाकरे ने भी सीजेपी के आंदोलन को समर्थन दिया। नेताओं के विरोध के बीच शिवसेना भवन के बाहर धरना शुरू हुआ और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की गई।
शिवसेना (UBT) के नेताओं के कड़े विरोध और भवन के बाहर बड़ी संख्या में शिवसैनिकों के जमा होने के बाद हिरासत में लिए गए सभी आंदोलनकारियों को रिहा कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव और पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई।
सीजेपी के प्रदर्शन और उसके समर्थन में उतरे राजनीतिक दलों के विरोध के बीच मुंबई में कानून-व्यवस्था और प्रदर्शन की अनुमति को लेकर विवाद सामने आया है।