Fake Bishnoi Gang Arrest Mumbai (डिजाइन फोटो) 
मुंबई

'फर्जी बिश्नोई गैंग सक्रिय', मुंबई पुलिस ने ऑपरेशन लालपरी चलाकर 4 को किया गिरफ्तार

Fake Bishnoi Gang Arrest Mumbai: मुंबई पुलिस ने 'ऑपरेशन लालपरी' के तहत बिश्नोई गैंग के नाम पर 20 लाख की फिरौती मांगने वाले 4 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जांच जारी है।

अनिल सिंह

Operation Lalpari Vile Parle Police: मुंबई के विले पार्ले इलाके में एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी व्यवसायी को 'लॉरेंस बिश्नोई गैंग' के नाम पर धमकाकर रंगदारी वसूलने की कोशिश को मुंबई पुलिस ने नाकाम कर दिया है। 'ऑपरेशन लालपरी' के तहत पुलिस ने फिल्मी अंदाज में जाल बिछाकर चार ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बिश्नोई गैंग के खौफ का फायदा उठाकर लाखों रुपये ऐंठना चाहते थे। 'मंगल रॉयल ज्वेल्स' के संचालक को कनाडा से बिश्नोई गैंग का सदस्य होने का दावा कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी, जिसे पुलिस की सूझबूझ ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

यह मामला 12 फरवरी को शुरू हुआ था, जब व्यवसायी को एक विदेशी नंबर से धमकी भरा व्हाट्सऐप मैसेज मिला। मैसेज में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उनका अंजाम भी वैसा ही होगा जैसा देश के अन्य हिस्सों में बिश्नोई गैंग के विरोधियों का हो रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सर्विलांस और एक विशेष स्ट्रैटेजी तैयार की, जिसका कोडवर्ड 'लालपरी' रखा गया था।

20 लाख की फिरौती और 'लालपरी' कोडवर्ड का खेल

धमकी मिलने के बाद पीड़ित ज्वेलर ने पुलिस की सलाह पर आरोपियों के साथ बातचीत जारी रखी। काफी सौदेबाजी के बाद फिरौती की रकम 20 लाख से घटाकर 5 लाख रुपये तय हुई। आरोपियों ने पैसे लेने के लिए कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) की पार्किंग को चुना। पुलिस ने ज्वेलर के कर्मचारियों को डमी कैश बैग के साथ वहां भेजा। आरोपियों ने शर्त रखी थी कि उनका आदमी 'लालपरी' कोडवर्ड बोलेगा, तभी उसे बैग सौंपना है। जैसे ही आरोपियों ने यह कोडवर्ड बोला, पुलिस ने अपनी घेराबंदी मजबूत कर दी।

ऑटो से पीछा कर पुलिस ने रंगे हाथ दबोचा

जैसे ही चार युवक पैसे का बैग लेकर एलटीटी पार्किंग से ऑटो रिक्शा में बैठकर भागने लगे, सादे कपड़ों में तैनात पुलिस टीम ने करीब 200 मीटर तक उनका पीछा किया। हल्दीराम रेस्टोरेंट के पास पुलिस ने ऑटो को घेर लिया और चारों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने उनके पास से फिरौती के 5 लाख रुपये और घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में पुणे और मुंबई के छोटे-मोटे काम करने वाले युवक शामिल हैं, जिनका फिलहाल बिश्नोई गैंग से कोई सीधा संबंध नहीं मिला है।

फर्जी गैंग के जरिए खौफ फैलाने की कोशिश

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक डंगोल, माजिद खान, फैजान खान और साहिल शेख के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये पेशेवर अपराधी नहीं हैं, बल्कि इन्होंने सोशल मीडिया और खबरों में बिश्नोई गैंग के बढ़ते प्रभाव को देखकर आसान पैसे कमाने के लिए यह रास्ता चुना था। विले पार्ले पुलिस अब यह पता लगा रही है कि विदेशी नंबर से मैसेज भेजने में इनका हाथ था या इनके पीछे कोई मास्टरमाइंड काम कर रहा है। मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर व्यापारियों को डराने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

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