Mumbai: 'जानलेवा वीडियो कॉल', मोबाइल पर बात करने वाले शख्स को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट

Masjid Bunder Video Call Murder: मुंबई के मस्जिद बंदर में तेज आवाज में वीडियो कॉल करने पर विवाद। 19 साल के युवक ने 39 वर्षीय शख्स की पीट-पीटकर हत्या की। आरोपी पुलिस हिरासत में।
Masjid Bunder Video Call Murder
Masjid Bunder Video Call Murder (AI डिजाइन फोटो)
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Video Call Murder Mumbai: मुंबई के मस्जिद बंदर इलाके में मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। महज तेज आवाज में वीडियो कॉल पर बात करने जैसे मामूली विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली। 39 वर्षीय विपुल कर्मकार की एक 19 वर्षीय युवक ने सरेआम पीट-पीटकर हत्या कर दी। महानगर में बढ़ती असहिष्णुता और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक होने की प्रवृत्ति ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पायधुनी पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी इब्राहिम कालू शेख को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे मस्जिद बंदर के क्लाइव रोड पर घटी। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ीं, जिससे पता चला कि विवाद की शुरुआत मोबाइल फोन पर ऊंची आवाज में बात करने को लेकर हुई थी।

वीडियो कॉल बना मौत का कारण

जांच में खुलासा हुआ कि मस्जिद बंदर इलाके में विपुल कर्मकार अपने मोबाइल पर किसी लड़की से वीडियो कॉल के जरिए काफी जोर-जोर से बात कर रहा था। पास में ही खड़े आरोपी इब्राहिम ने उसे धीमी आवाज में बात करने की हिदायत दी। विपुल ने जब इस पर आपत्ति जताई, तो दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते गुस्सा इब्राहिम पर इस कदर हावी हुआ कि उसने पास पड़े लकड़ी के डंडे और लात-घूंसों से विपुल पर हमला कर दिया। आरोपी ने विपुल को जमीन पर पटक दिया, जिससे उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं।

मुंबई में बढ़ता हिंसक व्यवहार और 'रोड रेज'

यह कोई पहली घटना नहीं है जब मुंबई में मामूली कहासुनी ने हत्या का रूप लिया हो। केवल फरवरी 2026 के महीने में ही ऐसी आधा दर्जन घटनाएं सामने आ चुकी हैं। चाहे वह नाहुर में झगड़ा सुलझाने गए युवक की हत्या हो, या वाकोला में महज 430 रुपये के लिए जान लेना; ये मामले दर्शाते हैं कि लोगों में धैर्य का स्तर खतरनाक रूप से गिर चुका है। मालाड में एक प्रोफेसर की हत्या केवल 'सबक सिखाने' के लिए कर दी गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी तनाव और मानसिक अवसाद लोगों को छोटी बातों पर अपराधी बना रहा है।

कानूनी कार्रवाई और पुलिस की सक्रियता

विपुल कर्मकार पर हमला करने के बाद इब्राहिम मौके से फरार हो गया था, जबकि स्थानीय लोगों ने खून से लथपथ विपुल को तुरंत जेजे अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पायधुनी पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच की और बुधवार शाम आरोपी को धर दबोचा। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड है या यह केवल तात्कालिक आवेश का परिणाम था।

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