हथियार लाइसेंस को लेकर सख्त मुंबई पुलिस, ढाई साल में लिया बड़ा एक्शन (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI) 
मुंबई

मुंबई में बंदूकों पर 'नो एंट्री'; पुलिस ने रद्द किए 524 हथियार लाइसेंस, ढाई साल में सिर्फ 87 को हरी झंडी

Mumbai Police Cancel Gun Licenses: मायानगरी मुंबई में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। ढाई साल में 524 हथियार लाइसेंस रद्द और सिर्फ 87 नए लाइसेंस जारी, सुरक्षा नियम हुए सख्त।

अनिल सिंह

Mumbai Police Cancel 524 Gun Licenses Ghosalkar Murder Case: मुंबई जैसे घने और संवेदनशील महानगर में सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए मुंबई पुलिस ने हथियार संस्कृति को हतोत्साहित करने का मन बना लिया है। पिछले ढाई वर्षों के भीतर शहर में कुल 1 हजार 538 लाइसेंसी हथियारों की फाइलों को दोबारा खोला गया और उनकी पात्रता की बारीकी से जांच की गई। पुलिस कमिश्नरेट द्वारा की गई इस व्यापक और गहन समीक्षा के बाद कुल 524 हथियार धारकों के लाइसेंस नियमों के उल्लंघन या पात्रता की कमी के कारण रद्द कर दिए गए हैं।

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में सबसे अधिक 255 लाइसेंस निरस्त किए गए, जबकि वर्ष 2025 में 242 और चालू वर्ष 2026 में 31 मार्च तक 27 और लाइसेंसों को रद्द सूची में डाल दिया गया है।

नए आवेदनों पर पुलिस का कड़ा पहरा, ढाई साल में सिर्फ 87 को मंजूरी

एक तरफ जहां पुराने और संदिग्ध लाइसेंसों को तेजी से निरस्त किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ नए हथियार लाइसेंस हासिल करना अब मुंबई में लगभग नामुमकिन सा हो गया है। पिछले ढाई सालों में पुलिस के पास आए हजारों आवेदनों में से केवल 87 आवेदकों को ही आत्मरक्षा के लिए असलहा रखने की अनुमति दी गई है। साल दर साल के आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2024 में महज 17, वर्ष 2025 में कुछ ढील के साथ 66 और वर्ष 2026 में 31 मार्च तक केवल 4 नए हथियार लाइसेंस ही जारी किए जा सके हैं। पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारियों की देखरेख में अब हर एक आवेदन की कड़ाई से स्क्रूटनी की जा रही है।

अभिषेक घोसालकर की हत्या के बाद पुलिस प्रशासन हुआ और भी सख्त

मुंबई पुलिस के इस आक्रामक रुख के पीछे पूर्व में हुई कुछ गंभीर और झकझोर देने वाली आपराधिक घटनाएं भी हैं। शिवसेना (UBT) के नेता अभिषेक घोसालकर की सरेआम हुई हत्या के बाद लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग का मुद्दा बेहद गरमा गया था। इस वीभत्स हत्याकांड से सबक लेते हुए मुंबई पुलिस ने तुरंत कदम उठाए और त्वरित जांच के बाद वीआईपी सुरक्षा तथा अन्य कारणों का हवाला देकर हथियार रखने वाले 22 रसूखदार लोगों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए थे। इस घटना के बाद से ही शहर के सभी थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में लाइसेंसी हथियारों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

पृष्ठभूमि, वास्तविक खतरे और आपराधिक रिकॉर्ड का हो रहा है कड़ा सत्यापन

हथियार लाइसेंस के नवीनीकरण (Renewal) और नए आवेदनों को लेकर मुंबई पुलिस ने जो नई गाइडलाइन अपनाई है, उसके तहत अब 'बैकग्राउंड वेरिफिकेशन' को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि किसी लाइसेंस धारक के खिलाफ कोई छोटा सा भी आपराधिक मामला दर्ज होता है, तो उसका लाइसेंस तुरंत निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। इसके अलावा, आवेदक को पुलिस के समक्ष यह ठोस सबूत के साथ साबित करना होता है कि उसकी जान को वास्तव में कोई बड़ा और वास्तविक खतरा है। केवल स्टेटस सिंबल या प्रभाव जमाने के लिए बंदूक रखने का शौक पालने वालों के आवेदनों को पुलिस सीधे सिरे से खारिज कर रही है।

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