मुंबई मौसम (सोर्स: एआई)
मुंबई

मुंबई से 5 दिन पहले मानसून की विदाई, अब 35-37°C तक रहेगा पारा; गर्मी और प्रदूषण बढ़ने की आशंका

Mumbai October Heat Weather: मुंबई से मानसून सामान्य तारीख से पांच दिन पहले विदा हो गया। कोलाबा में पारा 37.4°C पहुंचा, जबकि अगले कुछ दिनों तक गर्म और उमस भरे मौसम का अनुमान है।

आलोक उमाकृष्ण

Mumbai Monsoon Heat 37 Degree Temperature: इंडियन मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने इस बार मुंबई समेत राज्य के अन्य भागों से समय से पहले मानसून की विदाई के संकेत दिए हैं। जो नॉर्मल तारीख से पांच दिन पहले है। इससे पहले 2002 में 30 सितंबर को मॉनसून की विदाई हुई थी।

मुंबई से मॉनसून के जाने की सामान्य तारीख 8 अक्टूबर है। समय से पहले मानसून के जाने की वजह से अब मुंबई के लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाने से लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

अब ऐसी रिपोर्ट है कि आने वाले तीन दिनों में शहर के लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में 3 से 5 अक्टूबर तक कई जगहों पर लोगों को उमस भरी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। 6 और 7 अक्टूबर से ठाणे और मुंबई में मौसम शुष्क रहेगा।

कोलाबा में अधिकतम तापमान 36.5 °C

शुक्रवार को कोलाबा में अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है। इसी तरह शुक्रवार को भी कोलाबा में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।

यह साल 2013 के बाद से अक्टूबर का अब तक का सबसे अधिक तापमान था। मुंबई के रीजनल मेटियोरोलॉजिकल सेंटर की सीनियर साइंटिस्ट सुषमा नायर ने तापमान में वृद्धि की वजह मॉनसून की विदाई से जुड़े बदलाव को बताया है।

हवा बिगड़ी, 10 प्रदूषण हॉटस्पॉट चिन्हित होंगे

मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से इसका असर मुंबई की आबोहवा पर पड़ रही है। बारिश के दौरान हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों के धुल जाने से जून से सितंबर तक वायु गुणवत्ता अपेक्षाकृत नियंत्रण में रही, लेकिन अब बारिश कम होने, हवा में नमी घटने और निर्माण गतिविधियों में तेजी के साथ प्रदूषण बढ़ने लगा है।

इस हालात से निपटने के लिए बीएमसी ने योजना तैयार की है, जिसके तहत शहर के प्रत्येक प्रशासनिक वार्ड में कम से कम 10 प्रदूषण हॉटस्पॉट चिन्हित किए जाएंगे और प्रत्येक हॉटस्पॉट की निगरानी की जिम्मेदारी एक अधिकारी को दी जाएगी।

अक्टूबर हीट में रोगों का बढ़ा खतरा

'अक्टूबर हीट' का सीधा असर मुंबईकरों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में आए इस बदलाव और दिन-रात के तापमान में भारी अंतर के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ती है, जिससे वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और गले के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

चिलचिलाती तेज धूप और पसीने के चलते डिहाइड्रेशन, हीट थकावट, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। अधिक नमी और पसीने की वजह से त्वचा पर रैशेज, घमौरियां और फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ गया है।

शरीर के थर्मोरेगुलेशन सिस्टम पर असर

जेजे अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन व प्रोफेसर डॉ. मधुकर गायकवाड ने कहा कि तापमान और उमस में अचानक आया यह उछाल शरीर के थर्मोरेगुलेशन सिस्टम पर सीधा असर डालता है। दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंडक के कारण वायरल इंफेक्शन और डिहाइड्रेशन के मामले तेजी से बढ़े हैं।

इस मौसम में प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी और तरल पदार्थ लें। धूप में निकलते समय सिर ढकें और बाहर के कटे-खुले फलों या बासी भोजन से पूरी तरह परहेज करें, क्योंकि यह मौसम बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है।

डॉ. नेताजी मुलिक ने भी धुप से बचने के उपाय बताये

ठाणे जिला मेंटल अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नेताजी मुलिक ने कहा कि अक्टूबर की इस तीखी गर्मी में थोड़ी सी लापरवाही भी अस्पताल पहुंचा सकती है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और गैस्ट्रोएंटेराइटिस की चपेट में जल्दी आ रहे हैं।

अगर लगातार सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या तेज बुखार जैसे लक्षण दिखें, तो खुद दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ढीले सूती कपड़े पहनें और ओआरएस, नारियल पानी या नींबू पानी का सेवन बढ़ाएं।

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