उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और जनप्रतिनिधि ठाणे क्लस्टर भूमिपूजन कार्यक्रम में (सोर्स- नवभारत)
मुंबई

ठाणे में सिद्धेश्वर नगर-रमाबाई नगर क्लस्टर का भूमिपूजन, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे बोले- MMR में बनेंगे 30 लाख घर

Thane Cluster Development Scheme: डीसीएम एकनाथ शिंदे ने ठाणे में सिद्धेश्वर नगर-रमाबाई नगर क्लस्टर योजना का भूमिपूजन किया और घोषणा की कि अगले 15-20 वर्षों में MMR क्षेत्र में 30 लाख घर बनाए जाएंगे।

वेदांत जोशी

Eknath Shinde MMR 30 Lakh Houses Vision: मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) में अगले 15 से 20 वर्षों में करीब 30 लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुंबई, ठाणे के साथ मीरा-भायंदर, भिवंडी, कल्याण-डोंबिवली और उल्हासनगर जैसे शहरों में क्लस्टर विकास को गति देना सरकार की नीति है। यह जानकारी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाणे में सिद्धेश्वर नगर और रमाबाई नगर क्लस्टर योजना के भूमिपूजन समारोह के दौरान दी।

क्लस्टर और एसआरए को गति

डीसीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि यूनिफाइड डीसीपीआर में किए गए बदलावों के कारण क्लस्टर और एसआरए परियोजनाओं को गति मिली है। ठाणे के करीब 20 हेक्टेयर यानी 50 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले सिद्धेश्वर नगर-रमाबाई नगर क्लस्टर से लगभग 6 हजार परिवारों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण घर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल आवासीय इमारतों का निर्माण नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और रोजगार के अवसरों के साथ नियोजित टाउनशिप विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सिटी विदिन द सिटी’ की अवधारणा

क्लस्टर में चौड़ी सड़कें, पर्याप्त जलापूर्ति, सीवेज सिस्टम, कचरा प्रबंधन, उद्यान और खेल मैदान जैसी सुविधाओं के साथ कम्युनिटी हॉल, जिम्नैजियम, योग सेंटर, इनडोर गेम्स, डिजिटल लाइब्रेरी, डे-केयर सेंटर, वरिष्ठ नागरिक मनोरंजन केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, महिला सशक्तीकरण केंद्र और स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग उपलब्ध कराने की योजना है। शिंदे ने इसे ‘सिटी विदिन द सिटी’ की अवधारणा बताया।

उन्होंने कहा कि ठाणे शहर में खतरनाक इमारतों के कारण हुई दुर्घटनाओं के बाद क्लस्टर विकास की मांग को लेकर करीब 20 वर्षों तक संघर्ष हुआ। किसननगर के पहले चरण का काम अब अंतिम चरण में है और जल्द ही वहां के निवासियों को उनके घरों की चाबियां सौंपी जाएंगी।

‘वॉक टू वर्क’

शिंदे ने क्लस्टर प्रोजेक्ट्स में आवास के साथ व्यावसायिक विकास और स्थानीय रोजगार पर भी जोर दिया। उन्होंने ‘वॉक टू वर्क’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय युवाओं को घर के आसपास ही रोजगार के अवसर मिलना चाहिए। सिद्धेश्वर तालाब के पुनर्विकास, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण की भी योजना है।

रहिवासियों की मांगों पर कॉर्पस फंड, अतिरिक्त 100 वर्ग फुट जगह किफायती दर पर उपलब्ध कराने और छोटे दुकानदारों के पुनर्वास पर विचार करने के संकेत भी उन्होंने दिए। विकासकों को गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की हिदायत देते हुए शिंदे ने कहा कि नागरिकों को बेहतर घर और सुविधाएं मिलना प्राथमिकता होनी चाहिए।

गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति

इस अवसर पर पूर्व मंत्री विधायक जितेंद्र आव्हाड, सांसद नरेश म्हस्के, विधायक निरंजन डावखरे, रविंद्र फाटक, महापौर शर्मिला पिंपळोलकर, उपमहापौर कृष्णा पाटील, ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव, जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल, अतिरिक्त आयुक्त डॉ राठौड़,वरिष्ठ पत्रकार दिलीप सपाटे सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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