Mumbai Medicine Without Prescription: मेडिकल स्टोरों पर बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री को लेकर लोकलसर्कल्स के सर्वेक्षण में मुंबई की गंभीर स्थिति सामने आई है।
18 सितंबर 2026 को प्रकाशित सर्वेक्षण के अनुसार, मुंबई में 71 फीसदी उपभोक्ताओं ने कहा कि केमिस्ट कभी या बहुत कम ही प्रिस्क्रिप्शन के बिना दवा देने से इनकार करते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा 64 फीसदी रहा।
मुंबई शहर में 3,697 लोगों से प्रिस्क्रिप्शन जांच को लेकर पूछे गए सवाल में 36 फीसदी ने कहा कि केमिस्ट ने कभी बिना पर्चे दवा देने से इनकार नहीं किया, जबकि 35 फीसदी ने बताया कि ऐसा बहुत कम हुआ। केवल 9 फीसदी ने कहा कि ज्यादातर समय और 5 फीसदी लोगों ने कहा हमेशा प्रिस्क्रिप्शन मांगा गया।
होम डिलीवरी में भी स्थिति अलग नहीं रही। 3,122 उत्तरदाताओं में 18 फीसदी ने कहा कि डिलीवरी के दौरान कभी प्रिस्क्रिप्शन नहीं मांगा गया, जबकि 40 फीसदी ने कहा कि ऐसा बहुत कम हुआ। केवल 23 फीसदी ने बताया कि ज्यादातर समय या हमेशा पर्चा मांगा गया।
इस बीच महाराष्ट्र एफडीए ने दवा बिक्री और वितरण में नियमों के पालन को लेकर कार्रवाई तेज की है। जून से अगस्त 2026 के बीच एफडीए ने राज्य में 2,902 दवा निर्माण और बिक्री प्रतिष्ठानों की जांच की। इनमें 2,295 बिक्री प्रतिष्ठान थे।
नियमों के उल्लंघन पर 880 लाइसेंसधारकों के खिलाफ कार्रवाई हुई, जिसमें 740 बिक्री प्रतिष्ठान शामिल थे। 677 लाइसेंस निलंबित और 203 रद्द किए गए। इसी दौरान 104 तलाशी और जब्ती अभियान में 11।41 करोड़ रुपये की अवैध दवाएं और सौंदर्य प्रसाधन जब्त किए गए तथा 20 एफआईआर दर्ज हुईं।
एफडीए की जांच में पंजीकृत फार्मासिस्ट की निगरानी के बिना दवा बिक्री, बिना प्रिस्क्रिप्शन निर्धारित दवाओं की बिक्री, अधूरे रिकॉर्ड, बिना उचित बिल बिक्री और इंसुलिन तथा टीकों के तापमान नियंत्रण में कमी जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं।
इसी पृष्ठभूमि में केंद्र ने प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोरों में CCTV निगरानी अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य अनुसूची एच, एच1 और एक्सपायर्ड दवाओं की बिक्री पर निगरानी बढ़ाना है।