विक्टोरिया डॉक (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

Marina Project: दुबई की तर्ज पर मुंबई में बनेगा मरीना बीच, 15 दिसंबर तक जमा कर सकेंगे टेंडर की बोली

Mumbai Marina Project: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने विक्टोरिया डॉक में 922.67 करोड़ रुपये के विकसित भारत मुंबई मरीना के लिए वैश्विक निविदाएं आमंत्रित की हैं। परियोजना में 604 नौकाओं की क्षमता होगी।

सूर्यप्रकाश मिश्र, आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • परियोजना DBFOT मॉडल पर विकसित होगी और अवधि पूरी होने पर परिसंपत्तियां मुंबई पोर्ट अथॉरिटी को सौंपी जाएंगी।

  • नौकायन स्कूल, बोट क्लब, पांच सितारा होटल, रेस्तरां और नौका मरम्मत यार्ड प्रस्तावित हैं।

  • इच्छुक कंपनियां 15 दिसंबर 2026 तक बोली जमा कर सकेंगी।

Victoria Dock Global Tender 922 Crore: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में समुद्री पर्यटन और कोस्टल डेवलपमेंट को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (एमपीए) ने विक्टोरिया डॉक में प्रस्तावित ‘विकसित भारत मुंबई मरीना’ के विकास के लिए वैश्विक निविदाएं आमंत्रित की हैं।

922.67 करोड़ रुपये की लागत

प्रथम चरण में करीब 922.67 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य मुंबई में विश्वस्तरीय मरीना, नौकायन सुविधाओं और आधुनिक तटवर्ती पर्यटन केंद्र का विकास करना है। परियोजना को दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री पर्यटन स्थलों की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशक भाग ले सकेंगे।

डीबीएफओटी मॉडल

यह प्रोजेक्ट डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) मॉडल पर विकसित होगा। जाएगी। इसके लिए 45 वर्षों की रियायत अवधि निर्धारित की गई है। चयनित कंपनी को मरीना से जुड़ी तटवर्ती सुविधाओं का विकास करने, बर्थिंग क्षमता बढ़ाने तथा परियोजना का संचालन और रखरखाव करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। रियायत अवधि पूरी होने के बाद परियोजना की परिसंपत्तियां मुंबई पोर्ट अथॉरिटी को हस्तांतरित की जाएंगी।

604 नौकाओं की होगी क्षमता

योजना के पूर्ण रूप से विकसित होने पर मरीना में 37.3 हेक्टेयर का संरक्षित जल क्षेत्र होगा और यहां कुल 604 नौकाओं को खड़ा करने की सुविधा उपलब्ध होगी। पहले चरण में 424 बर्थ विकसित किए जाने की योजना है। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने परियोजना के समुद्री हिस्से से जुड़े कार्य भी शुरू कर दिए हैं।

इनमें करीब 150 मीटर लंबा एप्रोच ट्रेस्टल, पिलर आधारित ब्रेकवाटर, 6 पिलर सर्विस प्लेटफॉर्म, फ्लोटिंग पोंटून, गैंगवे और कैपिटल ड्रेजिंग जैसे कार्य शामिल हैं। प्राधिकरण के अनुसार, परियोजना क्षेत्र के लिए आवश्यक पर्यावरणीय और तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) संबंधी स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं।

फाइव स्टार होटल से लेकर मरम्मत यार्ड तक

प्रस्तावित मरीना केवल नौकाओं के ठहराव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे समुद्री पर्यटन और मनोरंजन से जुड़ी एकीकृत सुविधा के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत मरीना टर्मिनल भवन, अंतरराष्ट्रीय स्तर का नौकायन विद्यालय, नौका क्लब, ड्राई स्टैक सुविधा, ईंधन स्टेशन और हाजी बंदर में नौका मरम्मत यार्ड विकसित किए जाने की योजना है।

इसके अलावा पांच सितारा होटल, पर्यटन व्यापार केंद्र, रेस्तरां एवं खाद्य-पेय प्रतिष्ठान, खुदरा कारोबार के लिए स्थान और नौका प्रदर्शनी तथा कार्यक्रमों के आयोजन हेतु स्थल भी प्रस्तावित हैं। इन सुविधाओं से पर्यटन, नौका सेवाओं और समुद्री प्रशिक्षण से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

15 दिसंबर 2026 तक जमा करनी होगी बोली

प्री-बिड प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर होगी। पहली प्री-बिड बैठक 30 अक्टूबर को दूसरी प्री-बिड बैठक: 25 नवंबर को और बोली जमा करने की अंतिम तिथि: 15 दिसंबर होगी। परियोजना से संबंधित अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी), रियायत समझौते का मसौदा और व्यवहार्यता रिपोर्ट ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं।

पोर्ट इकोनॉमी को नया आयाम

मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष डॉ. एम. अंगामुथु (आईएएस) के अनुसार मुंबई की पहचान उसके समुद्र और बंदरगाह से गहराई से जुड़ी है। ‘विकसित भारत मुंबई मरीना’ के माध्यम से शहर के मुख्य बंदरगाह के एक हिस्से में समुद्री पर्यटन, नौकायन और कोस्टल डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विकास के दौरान बंदरगाह के नियमित संचालन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

क्रूज पर्यटन और वाटर टैक्सी नेटवर्क को भी मिलेगा लाभ

यह परियोजना मुंबई पोर्ट अथॉरिटी की बंदरगाह से जुड़े क्षेत्रों के बेहतर उपयोग और समुद्री पर्यटन को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। मुंबई अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल, वाटर टैक्सी नेटवर्क और ऐतिहासिक तटवर्ती क्षेत्रों के विकास जैसी पहलों के साथ यह मरीना शहर की समुद्री विरासत का संरक्षण करते हुए पर्यटन, प्रशिक्षण और आधुनिक समुद्री सेवाओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है।

इससे मुंबई शहर के दक्षिणी छोर की रौनक लौटेगी और मुंबई पोर्ट एथॉरिटी एक बार फिर देश के बंदरगाह और पर्यटन मानचित्र पर फिर चमकेगा।

MLC Election 2026: चार राज्यों की 28 सीटों पर मतदान खत्म, कब आएंगे नतीजे?

नेहा बोरा की याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने की खारिज, भरना पड़ेगा पीस बॉन्ड

बिहार के सीवान में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, आठ लोगों की मौत; कई घायल

LAC पर भारत-चीन के बीच क्या बातचीत चल रही है? विदेश मंत्रालय के बयान का पूरा मतलब समझिए

रुला रहा अलनीनो: दलहन-गुड़-शक्कर के भाव आसमान पर, एथनॉल उत्पादन पर लग सकती है रोक!