

40 बेड के मुकाबले करीब 110 मरिज के भर्ती होने का दावा किया गया।
CT स्कैन मशीन करीब एक साल से बंद होने और नई एक्स-रे मशीन चालू नहीं होने की बात सामने आई।
महेश तपासे और सीमा आहूजा ने स्थानीय विधायक से जवाब मांगा और केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।
Health Services Inspection In Thane: उल्हासनगर शहर के गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए प्रमुख माने जाने वाले उल्हासनगर सेंट्रल हॉस्पिटल की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार के कल्याण लोकसभा अध्यक्ष महेश तपासे के नेतृत्व में उल्हासनगर जिला अध्यक्ष सीमा महेश आहुजा ने अस्पताल का औचक दौरा कर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई गंभीर कमियां सामने आने का दावा किया गया, जिसे लेकर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की गई। सबसे चिंताजनक स्थिति प्रसव गृह (डिलीवरी) वार्ड में देखने को मिली। बताया गया कि प्रसव गृह वार्ड में केवल 40 बेड की व्यवस्था है, जबकि वहां करीब 110 गर्भवती महिलाएं भर्ती हैं।
जगह की कमी के कारण कई महिलाओं को जमीन पर सोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर महेश तपासे और सीमा महेश आहूजा ने इसे महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
इसके अलावा अस्पताल में पिछले करीब एक वर्ष से सीटी स्कैन मशीन बंद होने की बात सामने आई। मरीजों को जांच के लिए ठाणे जिले के निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। निरीक्षण में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए।
अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और बाथरूम की खराब स्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई गई। वहीं अस्पताल में पहुंच चुकी नई एक्स-रे मशीन उद्घाटन के इंतजार में बंद पड़ी होने का मुद्दा भी सामने आया। इस पूरे मामले को लेकर महेश तापसे और सीमा आहूजा ने स्थानीय विधायक कुमार अयलानी से जवाबदेही की मांग की है।
साथ ही गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से भी हस्तक्षेप की मांग की गई है। अब देखना होगा कि इस निरीक्षण के बाद प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की ओर से मरीजों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।