मलाड रेलवे स्टेशन पर नमाज अदा करते लोग (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

मलाड रेलवे स्टेशन पर नमाज को लेकर गरमाई सियासत, भाजपा नेता ने प्रशासन पर साधा निशाना; देखें Video

Malad Railway Station Namaz Controversy: मुंबई के मलाड स्टेशन पर नमाज अदा करने का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीति गरमा गई है। किरीट सोमैया ने रेलवे अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

आकाश मसने

Malad Railway Station Namaz Viral Video: रमजान के पवित्र महीने के बीच सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ताजा मामला मुंबई के मलाड रेलवे स्टेशन का है, जहां प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर सामूहिक नमाज अदा करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने सुरक्षा और सार्वजनिक नियमों को लेकर बहस छेड़ दी है।

किरीट सोमैया ने जताई कड़ी आपत्ति

पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने इस घटना का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने पश्चिम रेलवे के अधिकारियों को एक औपचारिक पत्र लिखकर इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सोमैया का आरोप है कि यात्रियों ने उन्हें यह वीडियो भेजकर अपनी असुविधा और नाराजगी व्यक्त की है।

सोमैया ने अपने बयान में कहा कि मलाड स्टेशन के पश्चिमी हिस्से में प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर नमाज अदा करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह घोर गैर-कानूनी कृत्य भी है। यह रेलवे प्रशासन की गैर-जिम्मेदारी को दर्शाता है।

रेलवे पुलिस और प्रशासन पर उठाए सवाल

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने केवल नमाज पढ़ने वालों पर ही नहीं, बल्कि रेलवे पुलिस बल (RPF) और जीआरपी (GRP) पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने मौके पर कोई हस्तक्षेप नहीं किया और न ही कोई मामला दर्ज किया गया। सोमैया ने चेतावनी दी है कि वह स्वयं स्टेशन पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सार्वजनिक स्थानों का इस तरह दुरुपयोग न हो।

वीडियो में क्या है?

सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टेशन परिसर के एक कोने में लगभग 15-20 लोग नमाज पढ़ रहे हैं, जबकि पास में ही यात्रियों की भारी भीड़ मौजूद है। वीडियो दूर से बनाया गया है, जिससे स्पष्ट है कि आम यात्रियों को स्टेशन जैसे व्यस्त स्थान पर इस गतिविधि से असुविधा हो रही थी।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद

सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में लखनऊ विश्वविद्यालय में भी इसी तरह का विवाद सामने आया था, जहाँ दो छात्र गुट आपस में भिड़ गए थे और प्रशासन को 13 छात्रों को नोटिस जारी करना पड़ा था। अब मुंबई में हुई इस घटना ने प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की नई चुनौती पेश कर दी है।

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