मुंबई-कोंकण के बीच 388 किमी लंबे एक्सप्रेसवे की रिपोर्ट 3 महीने में तैयार होगी।
25,000 करोड़ रुपए की लागत से 6 लेन का महामार्ग बनाने की योजना।
एक्सप्रेसवे से मुंबई-कोंकण का सफर करीब 3 घंटे में पूरा होने का अनुमान।
Mumbai Kokan Expressway Project: महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल ने मुंबई से कोंकण तक तेज सफर के लिए 388 किलोमीटर लंबे कोंकण एक्सप्रेसवे की मंजूर परियोजना रिपोर्ट तीन महीने में तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
रिपोर्ट को मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। इस महामार्ग को नागपुर-गोवा शक्तिपीठ महामार्ग और विरार-अलीबाग बहुउद्देशीय कॉरिडोर से भी जोड़ने की योजना है। हालांकि, इन मार्गों से जुड़ाव कहां और किस तरह होगा, यह परियोजना रिपोर्ट अंतिम होने के बाद स्पष्ट होगा।
मुंबई से कोंकण और गोवा तक सड़क से सफर फिलहाल काफी परेशानी भरा है। मुंबई-गोवा महामार्ग का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से कई वर्षों से जारी है, लेकिन काम पूरा नहीं होने से तेज यात्रा का सपना अब तक पूरा नहीं हुआ है।
इसी समस्या को दूर करने के लिए एमएसआरडीसी ने समृद्धि महामार्ग की तर्ज पर कोंकण एक्सप्रेसवे बनाने की घोषणा 2020 में की थी। हालांकि, परियोजना अब तक कागजों पर ही है। महामार्ग का मार्ग निर्धारण अंतिम हो चुका है और पिछले कुछ दिनों से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का काम तेज किया गया है।
एमएसआरडीसी के अनुसार अगले तीन महीने में परियोजना रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। अंतिम मार्ग निर्धारण के अनुसार परियोजना के लिए 4,205.21 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करना होगा।
छह लेन वाले इस महामार्ग के निर्माण पर करीब 25 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसके बनने से मुंबई शहर से कोकण तक की यात्रा लगभग तीन घंटे में पूरी हो सकेगी।
परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण और निविदा प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इसके बाद महामार्ग का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने की एमएसआरडीसी की योजना है।
शक्तिपीठ महामार्ग और विरार-अलीबाग बहुउद्देशीय कॉरिडोर से जुड़ने पर इस सड़क का संपर्क नेटवर्क भी विस्तृत होगा।