Mumbai Rains Storm Winds Alert: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर मानसून की आफत के बीच अब एक भीषण चक्रवाती तूफान का खतरा मंडराने लगा है। मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ अब प्रकृति का एक और रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए ताजा 'रेड अलर्ट' के मुताबिक, अगले कुछ घंटों में मुंबई और उससे सटे तटीय इलाकों में 70 से लेकर 90 किलोमीटर प्रति घंटे की अत्यधिक तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
मौसम की इस बेहद गंभीर और आपातकालीन स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार, आपदा प्रबंधन टीमों और स्थानीय प्रशासन ने मुंबईकरों की सुरक्षा के लिए बेहद कड़े सुरक्षात्मक और नागरिक निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन द्वारा जारी किए गए नागरिक सुरक्षा निर्देशों में सबसे प्रमुख अपील यह की गई है कि लोग अपने घरों के भीतर ही सुरक्षित रहें। जब तक कोई अत्यंत आवश्यक या आपातकालीन काम न हो, तब तक किसी भी नागरिक को घर से बाहर कदम न रखने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही, मुंबई के सभी प्रमुख समुद्र तटों (जैसे मरीन ड्राइव, जुहू चौपाटी, गिरगांव और वर्सोवा) के पास जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, क्योंकि तेज हवाओं के कारण समुद्र में ऊंची और खतरनाक लहरें उठने की प्रबल आशंका है।
तूफान और भारी बारिश के कारण सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए कामकाजी व्यवस्था में भी बड़ी ढील दी गई है। सरकार ने सभी निजी प्रतिष्ठानों और कॉर्पोरेट कार्यालयों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) की अनुमति दें। इसके अतिरिक्त, मुंबई और आस-पास के क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं (जैसे चिकित्सा, दमकल और पुलिस) में लगे कर्मचारियों को छोड़कर, सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों के लिए आधे दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है।
90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ये तूफानी हवाएं शहर के बुनियादी ढांचे के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती हैं। इसी के मद्देनजर, महानगरपालिका (BMC) ने एक विशेष एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे रास्ते पर चलते समय या वाहन पार्क करते समय विशालकाय पुराने वृक्षों, भारी-भरकम विज्ञापनी होर्डिंग्स, बिजली के खंभों और कमजोर व जीर्ण-शीर्ण (जर्जर) इमारतों से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें। तेज़ हवा के दबाव से इनके गिरने या ढहने का खतरा बहुत अधिक बढ़ गया है, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।