First Precast Segment Installed: मुंबई के बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक बड़ा इंजीनियरिंग माइलस्टोन एमएमआरडीए ने हासिल किया है।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के निर्माणाधीन 13.9 किलोमीटर लंबे, 6 लेन वाले एलीवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे (EFE) पर प्रीकास्ट सेगमेंट लगाने का काम शुरू हो गया है। विशेष बात यह है कि निर्माण कार्य व्यस्त ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के ऊपर किया जा रहा है।
एक्सप्रेस वे पर वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है। इसके साथ एलीवेटेड कार्य भी हो रहा है। सोमवार को भांडुप पंपिंग स्टेशन के पास पियर P78 पर EFE का पहला प्रीकास्ट सेगमेंट स्थापित किया गया। इसका वजन 90 टन से अधिक था।
इसे 115 मीटर लंबे अत्याधुनिक Launching Gantry-01 (LG-01) की मदद से उठाकर निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया। इस उपलब्धि के साथ परियोजना ने नींव और पियर निर्माण जैसे सब-स्ट्रक्चर कार्यों से आगे बढ़कर मुख्य सुपर-स्ट्रक्चर के निर्माण के चरण में प्रवेश कर लिया है।
मैकेनाइज्ड लॉन्चिंग गैंट्री की मदद से भारी प्रीकास्ट सेगमेंट को उठाकर सटीक स्थान पर स्थापित किया जा सकता है। इससे जमीन पर निर्माण गतिविधियों की जरूरत और ट्रैफिक में व्यवधान दोनों को सीमित किया जा रहा है। लॉन्चिंग से पहले LG-01 का थर्ड-पार्टी परीक्षण भी पूरा किया गया था।
अब LG-01 के जरिए मुंबई की दिशा में कुल 1,632 प्रीकास्ट सेगमेंट लगाए जाएंगे। इन सेगमेंट को लॉन्गिट्यूडिनली पोस्ट-टेंशनिंग के माध्यम से जोड़ा जाएगा, जिससे पूरे ब्रिज स्पैन तैयार होंगे। वहीं, दूसरी लॉन्चिंग गैंट्री LG-02 विक्रोली से मुंबई शहर की ओर बढ़ेगी। भांडुप से कांजुरमार्ग के बीच ग्राउंड सपोर्ट सिस्टम (GSS) ठाणे की दिशा में निर्माण कार्य आगे बढ़ाएगा।
EFE के एक सामान्य स्पैन की लंबाई करीब 40 मीटर होगी और प्रत्येक स्पैन में 16 सेगमेंट लगाए जाएंगे। परियोजना में कुल 288 फुल स्पैन प्रस्तावित हैं। एक सेगमेंट का वजन 106 टन और एक पूरे स्पैन का वजन करीब 1,450 टन तक हो सकता है। कॉरिडोर की चौड़ाई ऊपर 25 मीटर और नीचे 7 मीटर है।
निर्माण प्रगति की बात करें तो 81 प्रतिशत मोनोपाइल, 19 प्रतिशत ग्रुप पाइल, 51 प्रतिशत पियर और 33 प्रतिशत पियर कैप का काम पूरा हो चुका है। कुल 3,732 प्रीकास्ट सेगमेंट में से 135 सेगमेंट कास्ट किए जा चुके हैं।
यह कॉरिडोर ठाणे जिले के आनंद नगर को घाटकोपर के छेड़ा नगर से जोड़ेगा। परियोजना में 2,500 मिमी व्यास के मोनोपाइल और सिंगल-पियर व्यवस्था जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण का जमीनी फुटप्रिंट कम रखने में मदद मिलेगी।
परियोजना पूरी होने के बाद दक्षिण मुंबई और ठाणे के बीच यात्रा समय घटकर लगभग 20–25 मिनट होने की उम्मीद है। साथ ही, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर यातायात का दबाव कम करने और मुंबई महानगर क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत करने में भी यह कॉरिडोर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।