मुंबई में साइबर अपराध के मामलों में 44% से अधिक बढ़ोतरी।
जनवरी से अगस्त तक 4,254 मामले दर्ज, पिछले साल 2,948 थे।
पुलिस ने 794 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 1,121 मामले सुलझाए।
क्रेडिट-डेबिट कार्ड धोखाधड़ी के 1,020 मामले सामने आए।
फिशिंग, हैकिंग और लोन फ्रॉड के मामलों में भी बढ़ोतरी।
Mumbai Surge Online Fraud Cases: मुंबई हर दिन ऑनलाइन ठगी के दर्जनों शिकार हो रहे हैं। आर्थिक राजधानी मुंबई में साइबर ठगों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। जनवरी से अगस्त के दौरान साइबर अपराध के मामलों में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 44% से अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुंबई पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन 8 महीनों में साइबर धोखाधड़ी के 4,250 से अधिक मामले (कुल 4,254) दर्ज किए जा चुके हैं।
जबकि पिछले साल इसी अवधि में 2,948 मामले सामने आए थे। पुलिस ने इस दौरान कार्रवाई करते हुए 790 ठगों को गिरफ्तार भी किया है।
आंकड़ों के मुताबिक, दर्ज मामलों में सबसे बड़ी संख्या क्रेडिट और डेबिट कार्ड से जुड़ी ऑनलाइन धोखाधड़ी की रही। जिसके बाद शेयर बाजार में निवेश से जुड़े फ्रॉड और हैकिंग के मामले सबसे अधिक रहे।
पुलिस द्वारा दर्ज किए गए कुल 4,254 साइबर धोखाधड़ी मामलों में से अब तक 1,121 मामलों को सुलझा लिया गया है, और इन अपराधों के सिलसिले में 794 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी को 13 अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है।
जिसके तहत 2,283 मामले दर्ज हुए हैं। वित्तीय धोखाधड़ी के इन 2,283 मामलों में से पुलिस ने 537 मामलों का सफलतापूर्वक पता लगाया है और 471 आरोपियों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा, क्रेडिट और डेबिट कार्ड से जुड़े धोखाधड़ी के अकेले 1,020 मामले दर्ज किए गए।
आंकड़ों के विस्तृत विश्लेषण से पता चलता है कि फिशिंग, हैकिंग, फर्जी वेबसाइट, लोन फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और क्रेडिट/डेबिट कार्ड फ्रॉड जैसे मामलों में पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। इसके विपरीत, शेयर बाजार फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, जॉब फ्रॉड, कस्टम गिफ्ट फ्रॉड और डेटा चोरी जैसे अपराधों में मामूली कमी देखी गई है।
मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि, पुलिस साइबर मामलों की तुरंत रिपोर्ट दर्ज करने के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से नागरिकों को नए। साइबर खतरों के प्रति लगातार जागरूक कर रही है।