प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-AI) 
मुंबई

Mumbai में SRA परियोजना से 28 लाख रुपए की वसूली, मुंबई क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को रंगेहाथ दबोचा

Mumbai Crime Branch Cracks Extortion Racket: मुंबई के GTB नगर SRA परियोजना से उगाही के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक गिरोह ने अब तक 28.5 लाख रुपये की वसूली की है।

अनन्या तिवारी

Mumbai Crime Branch Arrests Extortion Racket Accused : मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने सायन के जीटीबी नगर स्थित एक एसआरए पुनर्विकास परियोजना से कथित तौर पर लाखों रुपए की वसूली करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 62 वर्षीय आनंद बिडलानी और 60 वर्षीय रमेश चावरिया के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को दो लाख रुपए की उगाही की रकम लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता से कहा था कि वे परियोजना के खिलाफ आरटीआई दाखिल नहीं करेंगे और किसी प्रकार की परेशानी भी खड़ी नहीं करेंगे। इसके बदले वे लगातार पैसों की मांग कर रहे थे।

अब तक 28 लाख रुपए की उगाही का आरोप

क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपियों ने अब तक शिकायतकर्ता से करीब 28 लाख रुपए की वसूली की थी। शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाकर दो लाख रुपए लेते समय दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की आगे की जांच एंटी एक्सटॉर्शन सेल कर रही है। पुलिस के मुताबिक इस ग्रुप का मुखिया मंदीप सिंह उर्फ लाडी समेत पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों में जसविंदर मणिकतला उर्फ गंजा, संदीप भामरी, गुरजीत सिंह सहगल और दीपक सिंह उर्फ सहगल शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

एक करोड़ की मांग, गोली मारने की दी धमकी

शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2023 से आरोपी परियोजना से जुड़े लोगों को लगातार धमका रहे थे और काम जारी रखने के बदले पैसों की मांग कर रहे थे। आरोप है कि गिरोह ने शुरुआत में एक करोड़ रुपए की मांग की और रकम नहीं देने पर शिकायतकर्ता तथा डेवलपर को गोली मारने की धमकी दी। धमकियों से भयभीत होकर डेवलपर ने कथित तौर पर पहले पांच लाख रुपए और बाद में दो लाख रुपए का भुगतान किया। इसके बाद आरोपियों ने 25 लाख रुपए की मांग की, जो बाद में 15 लाख रुपए पर तय हुई।

होटल में नकद लेन-देन, मोबाइल में मिले रिकॉर्ड

मुंबई पुलिस के अनुसार यह रकम माटुंगा के एक होटल में नकद दी गई थी। जांच में सामने आया है कि लेन-देन के कुछ हिस्से मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी किए गए थे।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी व्हाट्सएप कॉल और व्यक्तिगत मुलाकातों के जरिए लगातार उगाही की मांग करते रहे और परियोजना से जुड़े लोगों पर अतिरिक्त भुगतान का दबाव बनाते रहे।

एफआईआर के बाद क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच

मामले में पहले माटुंगा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में जांच के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने अब तक कुल 28.5 लाख रुपए की उगाही की है। मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

(IANS एजेंसी इनपुट के साथ)

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