Mumbai Police On CJP Protest: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित आंदोलन और प्रदर्शनों के दौरान हुए उग्र घटनाक्रम पर मुंबई पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, यातायात में बाधा डालने और बिना अनुमति सड़कों पर उतरकर हंगामा करने के आरोप में पुलिस ने बड़े पैमाने पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 8 अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में 900 से अधिक प्रदर्शनकारियों और अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। इस कड़ी कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पूर्व अनुमति के बिना शहर के कई प्रमुख चौराहों और मुख्य सड़कों पर अवैध रूप से एकत्र होकर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया था। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस व धक्का-मुक्की करने की घटनाएं भी सामने आईं।
पुलिस के अनुसार, बार-बार शांति बनाए रखने और प्रदर्शन खत्म करने की चेतावनियों के बावजूद आंदोलनकारियों ने पुलिस के निर्देशों का उल्लंघन किया। इसके चलते आम नागरिकों, दफ्तर जाने वाले यात्रियों और आपातकालीन वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसके बाद पुलिस को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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मुंबई पुलिस ने दक्षिण और मध्य मुंबई के प्रमुख इलाकों सहित कुल 8 पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज किए हैं। इनमें आजाद मैदान, मरीन ड्राइव, माता रमाबाई आंबेडकर मार्ग (MRA Marg), कालाचौकी, दादर और आसपास के थाना क्षेत्र शामिल हैं। दर्ज की गई प्राथमिकियों में बीएनएस की धाराओं के तहत गैर-कानूनी तरीके से जमावड़ा करने, दंगा भड़काने का प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी सेवक के काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।
फिलहाल पुलिस घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज, ड्रोन कैमरों के वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप्स का गहनता से विश्लेषण कर रही है। इसके जरिए हंगामा करने वाले और भीड़ को भड़काने वाले मुख्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके नाम पर शहर की शांति भंग करने या कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उन्हें जल्द ही पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे और उपद्रव में शामिल मुख्य आयोजकों व नेताओं को नामजद कर कानूनी शिकंजे में लाया जाएगा। शहर में किसी भी संभावित तनाव को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।