मुंबई एयरपोर्ट पर सर्वर-नेटवर्क ठप होने से चेक-इन और बोर्डिंग व्यवस्था प्रभावित हुई।
उड़ानों में औसतन 50 मिनट की देरी हुई, जबकि 327 से अधिक उड़ानें प्रभावित रहीं।
तकनीकी गड़बड़ी के बाद मैनुअल प्रक्रिया अपनाई गई, टर्मिनलों पर लंबी कतारें लगीं।
Mumbai Airport Server Outage: छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सर्वर और नेटवर्क प्रणाली में तकनीकी खराबी आने से विमान सेवाएं प्रभावित हुईं। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले व्यवधान के कारण चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए एयरपोर्ट कर्मचारियों को डिजिटल व्यवस्था के बजाय मैनुअल प्रक्रिया अपनानी पड़ी। इस दौरान उड़ानों के प्रस्थान में औसतन 50 मिनट की देरी दर्ज की गई। खबर के अनुसार, देर रात तक 327 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं, जबकि करीब 13 प्रतिशत उड़ानों के रद्द होने की बात कही गई।
यह तकनीकी समस्या शाम के व्यस्त समय में सामने आई, जब एयरपोर्ट टर्मिनल पर नेटवर्क कनेक्टिविटी अचानक बाधित हो गई। कंप्यूटर सिस्टम प्रभावित होने से यात्रियों की डिजिटल जांच और बोर्डिंग पास जारी करने की प्रक्रिया रुक गई। इससे चेक-इन काउंटरों पर कामकाज धीमा पड़ गया और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने और यात्रियों की आवाजाही जारी रखने के लिए ग्राउंड स्टाफ ने मैनुअल व्यवस्था का सहारा लिया। कर्मचारियों ने यात्रियों के पहचान पत्रों की भौतिक जांच की और हाथ से टिकट तथा बैगेज पर्चियां तैयार कीं। इस प्रक्रिया के कारण टर्मिनलों पर लंबी कतारें लग गईं।
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने नेटवर्क संबंधी समस्या को अस्थायी बताया। संचालक के अनुसार, यात्रियों की असुविधा कम करने और संचालन जारी रखने के लिए तत्काल मैनुअल प्रोटोकॉल लागू किए गए।
हालांकि, नेटवर्क बाधित रहने की सटीक अवधि का विस्तृत ब्योरा साझा नहीं किया गया। तकनीकी समस्या के कारणों को लेकर भी उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट विवरण नहीं है।
उड़ानों की आवाजाही पर नजर रखने वाली निगरानी प्रणाली के मुताबिक, रात करीब 9:30 बजे तक मुंबई शहर से रवाना होने वाली उड़ानों में औसतन 50 मिनट की देरी दर्ज की गई। नेटवर्क व्यवधान के दौरान उड़ानों के संचालन में रुकावट आने से पूरे शेड्यूल पर असर पड़ा।
इसका नतीजा यह हुआ कि यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों और तय समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने की योजना बना चुके लोगों को भी असुविधा हुई। तकनीकी व्यवस्था बहाल होने के बाद भी उड़ानों का समयबद्ध संचालन सामान्य होने में परेशानी आई।