मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

Mumbai Ahmedabad Bullet Train कॉरिडोर में बड़ा इंजीनियरिंग माइलस्टोन, गुजरात में 14 स्टील ब्रिज तैयार

Mumbai Ahmedabad Bullet Train Project ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गुजरात के भरूच में 2900 टन वजनी स्टील स्पैन की सफल लॉन्चिंग के साथ हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है।

अपूर्वा नायक

Mumbai Ahmedabad Bullet Train Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना रफ्तार के साथ आकार ले रही है। गुजरात के भरूच में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ट्रैक के ऊपर 130 मीटर लंबे और करीब 2900 टन वजनी विशाल स्टील स्पैन की सफल लॉन्चिंग हुआ।

इसी के साथ ही देश के सबसे महत्वाकांक्षी रेल प्रोजेक्ट ने एक और बड़ा इंजीनियरिंग माइलस्टोन हासिल कर लिया है। 330 मीटर लंबे मेगा स्टील ब्रिज का 230 मीटर हिस्सा पूरा हो चुका है, जिसे हाईटेक ऑटोमैटिक लॉन्चिंग तकनीक और अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाओं के जरिए तैयार किया गया।

बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का निर्माण अब निर्णायक चरण में

गुजरात में प्रस्तावित 17 में से 14 स्टील ब्रिज पूरे होने के साथ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का निर्माण अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। बताया गया है कि यह ब्रिज तीन स्पैन वाला ढांचा है, जिसमें 100+130 मीटर का सतत स्पैन और 100 मीटर का सिम्पली सपोर्टेड स्पैन शामिल है।

130 मीटर लंबे स्पैन की लॉन्चिंग 16 मई को पूरी की गई। करीब 18 मीटर ऊंचे और 15.5 मीटर चौड़े इस स्टील स्पैन का वजन लगभग 2900 मीट्रिक टन बताया गया है। इससे पहले मार्च में करीब 1500 मीट्रिक टन वजनी और 100 मीटर लंबे सिम्पली सपोर्टेड स्पैन को निर्माण स्थल पर ही स्थापित किया गया था।

अब शेष 1600 टन वजनी 100 मीटर लंबे सतत स्पैन को भी इन-सीटू स्थापित किया जाएगा। ब्रिज संरचना पूरी होने पर इसका कुल वजन लगभग 6100 मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगा।

इन स्टील ब्रिजों का निर्माण गुजरात के उमरगांव स्थित कार्बन फैक्ट्री वर्कशॉप में किया गया है। परियोजना अधिकारियों के अनुसार ब्रिजों को 100 वर्षों की आयु को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।

250 टन तक की पुशिंग क्षमता है मौजूद

  • 130 मीटर लंबे इस स्पैन के निर्माण में करीब 1 लाख 21 हजार 373 टॉर-शियर टाइप हाई स्ट्रेंथ बोल्ट, सीऽ सिस्टम पेंटिंग और मेटैलिक बेयरिंग का इस्तेमाल किया गया।
  • इसे जमीन से लगभग 14 मीटर ऊंचाई पर अस्थाई ट्रेस्टलों पर असेंबल किया गया और दो सेमी-ऑटोमैटिक जैक की मदद से स्वचालित प्रणाली द्वारा आगे बढ़ाया गया।
  • प्रत्येक जैक में मैक-अलॉय बार्स के जरिए 250 टन तक की पुशिंग क्षमता मौजूद है। लॉन्चिंग कार्य के दौरान फ्रेट ट्रैक पर विशेष यातायात प्रबंधन किया गया, ताकि मालगाड़ियों की आवाजाही प्रभावित न हो और निर्माण कार्य सुरक्षित व सटीक तरीके से पूरा किया जा सके।
  • मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए कुल 28 स्टील ब्रिज बनाए जाने हैं। इनमें से गुजरात में प्रस्तावित 17 स्टील ब्रिजों में 14 का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है।

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