MSRTC land Commercial Development: महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की अतिरिक्त जमीन का कमर्शियल इस्तेमाल करके उसकी कमाई बढ़ाने का एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत इस अतिरिक्त जमीन के विकास को मंजूरी दी है, जिसमें कुल 98 साल तक के लीज एग्रीमेंट की अनुमति दी गई है।
इसके तहत शुरुआत में 49 साल की अवधि के लिए लीज पर मिलेगी, जिसे अगले 49 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। इस कदम से निगम की संपत्तियों से नियमित और लंबे समय तक आय होने का रास्ता साफ हो गया है।
महाराष्ट्र सरकार ने इस प्रक्रिया की देखरेख के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है, जिसके अध्यक्ष ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और MSRTC चेयरमैन प्रताप सरनाइक हैं। यह फैसला ST निगम को आर्थिक रूप से मजबूत करने में बड़ी मदद करेगा और इसकी जमीन का कमर्शियल इस्तेमाल सुनियोजित और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा।
सरकारी आदेश के अनुसार, PPP मॉडल के तहत ST निगम के पास मौजूद अलग-अलग तरह की जमीन पर विकास परियोजनाएं लागू की जा सकती हैं। इनमें निगम की अपनी जमीन, जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया से हासिल जमीन, पहले के सड़क परिवहन विभाग से ट्रांसफर की गई जमीन, लीज पर ली गई जमीन और गिफ्ट डीड के जरिए मिली जमीन शामिल हैं।
महाराष्ट्र पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पॉलिसी, 2026 के तहत, PPP विकास के अंतिम चरण तक पहुंच चुकी व्यवहार्य परियोजनाओं को कुछ रियायतें देने का भी प्रावधान किया गया है। प्रोजेक्ट टेंडर, रियायत समझौतों और वित्तीय व्यवहार्यता संरचना के लिए संबंधित कमेटी से मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा, हर प्रोजेक्ट के अंतिम टेंडर के लिए मुख्यमंत्री की अंतिम मंजूरी जरूरी है।
ST निगम की आर्थिक स्थिति को देखते हुए, सुबोध कुमार कमेटी ने सुझाव दिया था कि निगम के लिए सामान्य लंबी अवधि की लीज के बजाय ‘अपफ्रंट प्रीमियम’ वाला 90 साल का लीज मॉडल ज्यादा फायदेमंद होगा। इसके बाद, सरकार ने लीज की अवधि को बढ़ाकर 98 साल (49-49 साल की दो अवधियों में) करने की मंजूरी दे दी है।
ST महामंडल के पास राज्य में लगभग 850 जगहों पर 3,500 एकड़ से ज्यादा जमीन है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा बहुत अच्छी जगहों पर स्थित है। इन जमीनों का कमर्शियल, रिहायशी, इंडस्ट्रियल और दूसरे बिजनेस कामों के लिए योजनाबद्ध तरीके से विकास करने पर, कॉरपोरेशन को शुरुआती प्रीमियम के अलावा अच्छी-खासी रेगुलर कमाई हो सकती है।
इसके अलावा, क्योंकि कॉरपोरेशन कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेगा, इसलिए उसे हर साल एक स्थिर आय भी मिलती रहेगी।
इस मामले पर बात करते हुए महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि ST कॉरपोरेशन की जमीन एक कीमती संपत्ति है। इन जमीनों का इस्तेमाल सिर्फ थोड़े समय की कमाई के लिए नहीं, बल्कि ST कॉरपोरेशन को लंबे समय तक आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा।
हमारा मुख्य मकसद पारदर्शी टेंडरिंग प्रोसेस, सही कमर्शियल प्लानिंग और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए इन संपत्तियों से ज्यादा से ज्यादा कमाई करना है।
प्रताप सरनाईक ने आगे कहा कि ST पैसेंजर सर्विस को बेहतर बनाने के लिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना जरूरी है। इसलिए, कॉरपोरेशन की अतिरिक्त जमीन का असरदार तरीके से विकास किया जाएगा और उससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल ST की सेवाओं और सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।