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मुंबई

सबूत मिटाने खाड़ी में फेंका लैपटॉप! MPSC पेपर लीक मामले में पुलिस का कोर्ट में बड़ा खुलासा

Mumbai Police Crime Branch: MPSC पेपर लीक मामले में पुलिस ने आरोपी अधिकारी द्वारा खाड़ी में फेंका गया लैपटॉप बरामद कर लिया है। मामले में नंदुरबार से ऋतुजा पाटिल को भी गिरफ्तार किया गया है।

रूपम सिंह

Mumbai MPSC Drug Inspector Paper Leak: नीट पेपर लीक के बाद राज्यभर में सुर्खियों में आए एमपीएससी की औषध निरीक्षक परीक्षा के पेपर लीक मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। मामले में अपराध शाखा पहले ही तीन अधिकारियों समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब नंदुरबार से ऋतुजा पाटिल को भी गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां वह भावुक हो गई।

अदालत ने ऋतुजा को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, जबकि अन्य आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत मिली। पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले के आरोपी एमपीएससी अधिकारी विश्वेश्वर नकाते ने कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल किया गया लैपटॉप खाड़ी में फेंक दिया था।

जांच में सामने आया है कि सबूत नष्ट करने के इरादे से लैपटॉप को खाड़ी में फेंका गया। पुलिस का दावा है कि इसी लैपटॉप में औषध निरीक्षक परीक्षा के 294 सवाल और उनके विकल्प दर्ज किए गए थे। पुलिस ने खाड़ी से लैपटॉप बरामद कर लिया है और उसमें मौजूद डेटा को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। अदालत को बताया गया कि इस डेटा से पेपर लीक मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।

7 दिन की मांगी थी हिरासत

जांच के दौरान नंदुरबार स्थित कौटिल्य क्लासेस के संचालक और आरोपी प्रवीण पाटिल के घर से आर्थिक लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने अदालत से आरोपियों की सात दिन की हिरासत मांगी थी। पुलिस का कहना था कि जांच अभी जारी है और ऋतुजा पाटिल समेत आरोपियों की आमने-सामने पूछताछ करना जरूरी है। पुलिस ने अदालत में यह भी दावा किया कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और सवालों के संतोषजनक जवाब देने की बजाय टालमटोल कर रहे हैं। इसके बाद अदालत ने ऋतुजा को तीन दिन और अन्य आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

गौरव के वकील ने अदालत में दावा किया कि ऋतुजा ने गौरव को पेपर सेट भेजा था। गौरव को यह 20 तारीख को मिला था, लेकिन ऋतुजा को यह जानकारी नहीं थी कि वह एमपीएससी का पेपर सेट है। बचाव पक्ष ने इसी आधार पर ऋतुजा की भूमिका को लेकर अदालत के सामने अपना पक्ष रखा।

अध्यक्ष की सफाई

एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि पेपर लीक की घटना जनवरी 2026 में हुई थी, जबकि उन्होंने अध्यक्ष पद की शपथ 18 फरवरी और कार्यभार 3 मार्च 2026 को संभाला। इसलिए उनके कार्यकाल और पेपर लीक की घटना के बीच स्पष्ट अंतर है।

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