मोहन भागवत व नरेंद्र मोदी (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

'नरेंद्र मोदी RSS से नहीं...', प्रधानमंत्री को लेकर ये क्या कह गए संघ प्रमुख मोहन भागवत

Mohan Bhagwat Statement: RSS शताब्दी वर्ष पर मुंबई के वर्ली के नेहरू सेंटर में ‘नए क्षितिज’ व्याख्यान शुरू हुआ। इस दौरान संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने पीएम मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है।

आकाश मसने

Mohan Bhagwat On PM Narendra Modi: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने स्थापना के 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला 'नए क्षितिज' का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने भारत के भविष्य, सामाजिक एकता और संघ की कार्यप्रणाली पर अपने विचार साझा किए। इस कार्यक्रम की सबसे खास बात बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की मौजूदगी रही, जिन्होंने अग्रिम पंक्ति में बैठकर भागवत के विचारों को सुना। इस दौरान मोहन भागवत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है।

एकता ही गुलामी से सुरक्षा की गारंटी

अपने संबोधन में डॉ. मोहन भागवत ने राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता पर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत में फिर से गुलामी नहीं आएगी, इसकी गारंटी केवल हमारी अटूट एकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरएसएस का लक्ष्य समाज के भीतर एक अलग संगठन बनाना नहीं, बल्कि पूरे समाज को ही संगठित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब समाज संगठित होता है, तो राष्ट्र स्वतः ही शक्तिशाली बन जाता है।

पीएम मोदी को लेकर क्या बोले मोहन भागवत?

राजनीति और संघ के संबंधों पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए भागवत ने स्पष्टता से कहा कि लोग कहते हैं कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं और वे RSS के हैं। यह सच है कि वे संघ के स्वयंसेवक हैं और भाजपा में कई प्रभावी स्वयंसेवक हैं, लेकिन भाजपा संघ की संस्था नहीं है। भाजपा एक अलग राजनीतिक दल है और संघ एक सामाजिक संगठन। उन्होंने आगे कहा कि संघ का काम इतना विशाल है कि कार्यकर्ताओं के पास दूसरे कामों के लिए समय ही नहीं बचता।

हिंदू समाज की परिभाषा और सलमान खान का जिक्र

डॉ. भागवत ने हिंदू शब्द की व्याख्या करते हुए इसे एक जीवन पद्धति बताया। उन्होंने दिलचस्प तरीके से समाज में प्रभाव (Influence) की बात की और सलमान खान का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सिनेमा में सलमान खान जो पहनते हैं, कॉलेज के युवा वही पहनने लगते हैं। समाज अक्सर फैशन और 'रोल मॉडल्स' के पीछे चलता है। इसलिए समाज बनाने वालों को श्रेष्ठ और विश्वासपात्र होना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि भारत में चार तरह के हिंदू हैं। जो गर्व से अपनी पहचान बताते हैं। जो इसे सहज स्वीकार करते हैं। जो संकोच में धीरे से बोलते हैं और वो, जो अपनी पहचान भूल गए हैं।

दिग्गज हस्तियों का जमावड़ा

इस व्याख्यान श्रृंखला में केवल फिल्मी सितारे ही नहीं, बल्कि उद्योग जगत और कला क्षेत्र के दिग्गज भी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म निर्देशक सुभाष घई, सांसद हेमा मालिनी, गायिका अनुराधा पौडवाल, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, एनएसई के चेयरमैन आशिष चौहान, और कोटक महिंद्रा के नीलेश शाह जैसी हस्तियां मौजूद रहीं। सभी ने डॉ. भागवत के 'नेशन फर्स्ट' के विचार की सराहना की।

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