एमएमआरडीए का लक्ष्य मुंबई महानगर क्षेत्र में सफर 59 मिनट में पूरा कराना है।
462 किमी मेट्रो नेटवर्क और रिंग रोड से कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
ठाणे का सफर 25 और उलवे का 30 मिनट में पूरा करने की योजना है।
MMRDA Mission 59 Minutes Sanjay Mukherjee Ring Road: मुंबई समेत एमएमआर में घंटों ट्रैफिक में फंसने के दिन अब जल्द ही खत्म होने वाले हैं। एमएमआरडीए द्वारा तैयार मेगा प्लान से शहर के किसी भी कोने से दूसरे छोर तक की दूरी अधिकतम 59 मिनट में तय की जा सकेगी। यह सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि जमीन पर उतरता सच है, जिसका असर अगले दो वर्षों में साफ नजर आने लगेगा।
प्राधिकरण पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में सड़क, मेट्रो और अंडरग्राउंड सुरंगों का ऐसा अभेद्य जाल बिछा रहा है, जिससे मुंबई में रोजाना आवागमन करनेवालों का दैनिक सफर बेहद बेमिसाल और सुगम बन जाएगा।
इस आधुनिक कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जो यात्रा पहले 2 से 3 घंटे लेती थी, वह घटकर ठाणे के लिए मात्र 25 मिनट और उलवे के लिए सिर्फ 30 मिनट रह जाएगी, तेज रफ्तार, बेहतर तकनीक और चौतरफा कनेक्टिविटी के साथ मुंबई अब एक नए और निर्वाध सफर के लिए तैयार हो रही है।
मुंबई में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में घंटों लगने और ट्रैफिक जाम से होने वाली परेशानी को देखते हुए एमएमआरडीए ने पूरे महानगर को 59 मिनट में जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत सड़कों, फ्लाईओवर, भूमिगत सुरंगों, मेट्रो और लोकल ट्रेनों का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य प्रमुख स्थानों के बीच यात्रा का समय 59 मिनट से कम करना और परिवहन के सभी साधनों को आपस में जोड़ना है।
एमएमआरडीए के अनुसार कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और अगले दो वर्षों में इसका असर दिखने लगेगा। मुंबई में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए मौजूदा सड़कों को जोड़कर जोड़कर रिंग रोड नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इससे वाहन चालकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग मिलेंगे। नए सड़क गलियारों में तीन लेन होंगी, जिनमें से एक का इस्तेमाल भविष्य में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए किया जा सकेगा।
मुंबई महानगर क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क बढ़कर 462 किलोमीटर हो गया है। एमएमआरडीए नई उपनगरीय रेल लाइनों के निर्माण खर्च का 50 प्रतिशत भी वहन कर रहा है। मेट्रो और लोकल ट्रेन नेटवर्क के विस्तार से सड़क परिवहन पर निर्भरता घटेगी और ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
नई सड़क परियोजनाओं से दक्षिण मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे के बीच सफर आसान होगा। नरीमन पॉइंट से कोस्टल रोड सुरंग और वर्ली-सायन एलिवेटेड कॉरिडोर के जरिए मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक तक सीधी पहुंच मिलेगी। इससे उलवे पहुंचने में लगने वाला समय पौने दो घंटे से घटकर 30 मिनट से कम रह जाएगा। वहीं, ईस्टर्न फ्रीवे को छेड़ानगर से आनंदनगर, साकेत और आमणे तक बढ़ाकर समृद्धि महामार्ग से जोडा जाएगा। इससे मुंबई-ठाणे का सफर करीब 25 मिनट में पूरा हो सकेगा।
वसींवा-दहिसर कोस्टल रोड को भायंदर तक बढ़ाया जाएगा। एमएमआरडीए गायमुख तक पुल बनाएगा, जिससे घोड़बंदर रोड और फाउंटेन क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। भाईंदर-विरार सड़क गलियारा बनाने की योजना है, जो बड़ौदा और अहमदाबाद रोड से जुड़ेगा। सिडको भी पालघर तक सड़क विकसित कर रहा है। वाढवण बंदरगाह तक 145 मीटर चौड़ा सड़क मार्ग बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
मुंबई में बस, मेट्रो, लोकल और निजी वाहनों के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराकर किसी एक परिवहन व्यवस्था पर दबाव कम करना हमारा लक्ष्य है। बीएमसी मौजूदा शहर प्रबंधन संभालती है, जबकि एमएमआरडीए भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकास कर रहा है। कोस्टल रोड, एमटीएचएल और एससीएलआर के बाद अगले दो वर्षों में कई परियोजनाएं शुरू होंगी और 2029 तक परिवहन नेटवर्क तैयार हो जाएगा। 59 मिनट का मिशन सभी परिवहन साधनों के बेहतर तालमेल से महानगर में सफर को तेज और आरामदायक बनाने पर केंद्रित है।डॉ. संजय मुखर्जी, महानगर आयुक्त, एमएमआरडीए