Maharashtra MLC Election 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर 'नंबर गेम' की चर्चा तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत विधान परिषद के 9 सदस्यों का कार्यकाल 13 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। मंगलवार को विधानमंडल में इन सदस्यों का आखिरी सत्र होने के कारण उन्हें भावुक विदाई दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच दिलचस्प जुगलबंदी भी देखने को मिली।
अब सवाल यह है कि क्या उद्धव ठाकरे फिर से विधान परिषद के रास्ते सदन में वापसी करेंगे? विधानसभा के मौजूदा गणित को देखते हुए यह राह काफी चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है।
विधानसभा में मौजूदा सदस्यों की संख्या 286 है (2 सीटें रिक्त हैं)। इस संख्याबल के आधार पर विधान परिषद की एक सीट जीतने के लिए 28 प्रथम वरीयता के मतों की आवश्यकता होगी। रिक्त हो रही 9 सीटों के लिए महायुति और महाविकास आघाड़ी (MVA) के बीच कड़ी टक्कर होने वाली है।
भाजपा (131 विधायक): भाजपा के 4 सदस्य निर्वाचित हो सकते हैं और 5वें उम्मीदवार के लिए उन्हें केवल 9 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी, जो निर्दलीयों या सहयोगियों से मिल सकते हैं।
शिवसेना - शिंदे गुट (57 विधायक): इनके कोटे से 2 सदस्य आसानी से निर्वाचित होंगे।
NCP - अजीत पवार गुट (40 विधायक): इनका 1 सदस्य सुरक्षित है और 12 अतिरिक्त वोट शेष रहेंगे।
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असली सिरदर्द महाविकास आघाड़ी के लिए है। गठबंधन के पास कुल 46 विधायक (ठाकरे गुट- 20, कांग्रेस- 16, शरद पवार गुट- 10) हैं।
एक सीट पक्की: गठबंधन का एक उम्मीदवार 28 वोटों के साथ आसानी से जीत जाएगा।
दूसरी सीट के लिए संघर्ष: दूसरी सीट जीतने के लिए उन्हें 56 वोटों की जरूरत है, जबकि उनके पास केवल 46 हैं। यानी दूसरे उम्मीदवार के लिए 10 और वोटों का जुगाड़ करना नामुमकिन जैसा लग रहा है।
चर्चा है कि हालिया राज्यसभा चुनावों में उद्धव ठाकरे ने शरद पवार के उम्मीदवार के लिए अपनी दावेदारी पीछे ली थी। बदले में यह तय हुआ था कि विधान परिषद की सीट उद्धव ठाकरे के लिए छोड़ी जाएगी। चूंकि ठाकरे गुट के पास सबसे ज्यादा (20) विधायक हैं, इसलिए इस सीट पर उनका दावा सबसे मजबूत है। हालांकि, अगर उद्धव ठाकरे चुनाव लड़ते हैं, तो कांग्रेस के खाते में क्या आएगा, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है। अप्रैल में चुनाव की घोषणा होने की संभावना है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ेगी।