Mumbai MHADA GTB Nagar Cluster Redevelopment: सायन कोलीवाडा स्थित जीटीबी नगर पुनर्विकास को गति देते हुए म्हाडा ने 1,200 विस्थापितों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। क्लस्टर योजना के तहत 39 से 48 मंजिला तीन आलीशान टॉवर बनेंगे, जिनमें विकास नियमों के तहत मिलने वाले 4.5 एफएसआई के जरिए सभी पात्र विस्थापितों को 635 वर्ग फुट के मुफ्त फ्लैट दिए जाएंगे।
निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर प्रोजेक्ट का काम पूरा होने तक प्रभावितों को रहने के लिए हर महीने किराया मिलेगा। इस फैसले के तहत प्रभावितों के खाते में एक नवंबर से किराया आना शुरू हो जाएगा। यह जानकारी म्हाडा के उपाध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल ने दी।
सायन कोलीवाडा स्थित जीटीबी नगर के पुनर्विकास प्रोजेक्ट को लेकर म्हाडा ने बड़ा कदम उठाया है। प्रोजेक्ट से प्रभावित 1,200 बेघर हुए मूल फ्लैट धारकों को हर महीने 20 हजार रुपए किराया दिया जाएगा। इसके साथ ही पात्र पाए गए 121 दुकान व झोपड़ा धारकों को हर महीने 10 हजार रुपए किराया मिलेगा।
यह राशि 1 नवंबर से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। इसके अलावा 196 सशर्त पात्र धारकों को भी अगले छह महीने तक हर माह 10 हजार रुपए किराया दिया जाएगा। म्हाडा के सीईओ संजीव जायसवाल ने बताया कि सशर्त पात्र दुकान व झोपड़ा धारकों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए छह महीने का समय दिया गया है। इस अवधि में उन्हें अपने जरूरी कानूनी दस्तावेज म्हाडा कार्यालय में जमा करने होंगे, ताकि उनकी पात्रता अंतिम रूप से तय की जा सके।
सक्षम अथॉरिटी से निर्माण कार्य का सीसी मिलने के बाद सभी पात्र निवासियों को हर महीने किराया मिलना शुरू हो जाएगा। खास बात यह है कि टॉवर बनने के बाद अगले पांच साल तक इमारतों की देखरेख और मरम्मत का पूरा खर्च म्हाडा ही उठाएगा।
पूरी सोसायटी को एक सुरक्षित गेटेड कम्युनिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें गाड़ियों की पार्किंग के लिए आधुनिक बेसमेंट और पोडियम पार्किंग की सुविधा होगी।
सायन कोलीवाडा में सिंधी विस्थापितों की ऐतिहासिक बस्ती जीटीची नगर का कायाकल्प म्हाडा अपने पहले क्लस्टर पुनर्विकास मॉडल के तहत कर रहा है। इसके तहत म्हाडा ने 356 गैर आवासीय गाला धारकों और झोपड़ा धारकों की संशोधित पात्रता सूची जारी कर दी है।
सूची के मुताबिक 356 में से 121 धारक पूरी तरह पात्र, 196 धारक सशर्त पात्र और 39 धारक अपात्र पाए गए हैं। सशर्त पात्र धारकों के कागजातों की दोबारा जांच के बाद ही अंतिम फैसला होगा। साथ ही इन दुकानदारों को बेस्ट उपक्रम का पुराना बकाया बिजली बिल भी चुकाना होगा, जिसके बाद ही उनकी पात्रता पक्की मानी जाएगी।
जीटीबी नगर के विस्थापित परिवारों को 1 नवंबर से हर महीने 20 हजार और दुकानदारों को 10 हजार रुपए किराया दिया जाएगा, ताकि प्रोजेक्ट पूरा होने तक किसी को कोई परेशानी न हो। इसी के साथ ही पात्र परिवारों को 635 वर्ग फुट के आधुनिक घर देकर इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना हमारी प्राथमिकता है।संजीव जायसवाल, सीईओ, म्हाडा