म्हाडा का नया पोर्टल पुनर्विकास परियोजनाओं की निगरानी करेगा।
सेस इमारतों की एनओसी प्रक्रिया 14 से घटकर 3 महीने होगी।
लीज रेंट का भुगतान अब घर बैठे ऑनलाइन कर सकेंगे।
MHADA Digital Monitoring Portal: म्हाडा अपने सभी प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता लाने और कार्यों को गति देने के लिए अब 'डिजिटल पहरा' लगाने जा रहा है। इसके तहत एक विशेष मॉनिटरिंग पोर्टल के जरिए चल रहे पुनर्विकास कार्यों पर पैनी नजर रखी जाएगी।
नई ऑनलाइन व्यवस्था से अब विकासकों को एनओसी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और महज तीन महीने में एनओसी मिल जाएगी। नीति आयोग के लक्ष्य के तहत 2030 तक 8 लाख घर बनाने की योजना को भी नई रफ्तार मिलेगी।
साथ ही, आम नागरिकों को राहत देने के लिए लीज रेंट प्रणाली को भी डिजिटल कर दिया गया है, लोग घर बैठे ऑनलाइन लीज रेंट जमा कर सकेंगे। बांद्रा स्थित म्हाडा कार्यालय में बुधवार को आयोजित पुनर्विकास सम्मेलन में, उपाध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल ने म्हाडा के पुनर्विकास और समूह पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स पर पैनी नजर रखने के लिए जल्द ही एक नया मॉनिटरिंग पोर्टल शुरू किए जाने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने मुंबई महानगर क्षेत्र को हाउसिंग ग्रोथ हब चुना है। 2030 तक बनने वाले 30 लाख किफायती घरों में से 8 लाख घर म्हाडा बनाएगा।
संजीव जायसवाल ने कहा कि म्हाडा लेआउट पर विभिन्न विकास नियंत्रण नियमों के तहत चलने वाले प्रोजेक्ट्स की प्रगति अब इसी पोर्टल से जांची जाएगी। काम शुरू होने के बाद डेवलपर्स और आर्किटेक्ट्स को हर तीन महीने में प्रगति रिपोर्ट और तीन ताजा तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। इससे अधिकारियों को केवल एक क्लिक पर प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति पता चल सकेगी।
सेस इमारतों के पुनर्विकास के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी एनओसी देने हेतु भी एक नया ऑनलाइन पोर्टल जल्द शुरू होगा, पहले जिस काम में 14 महीने लगते थे, वह अब जीआईएस तकनीक, ओसीआर और डिजिटल सत्यापन के जरिए केवल तीन महीने में ही पूरा होगा।
इसके अलावा, लीज पर दिए गए भूखंडों का ब्योरा रखने और वार्षिक किराया जमा करने के लिए भी अलग पोर्टल बन रहा है, जिससे लोग घर बैठे चौबीसों घंटे रिन्यूअल और भुगतान कर सकेंगे। जायसवाल ने डेवलपर्स से काम के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के उपाय करने और यूडीसीपीआर में बदलाव के सुझाव देने की अपील की। मुख्य अभियंता अनिल अंकलगी ने रेंटल हाउसिंग पॉलिसी का मसौदा पेश करते हुए कहा कि ऐसी व्यापक नीति बनाने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है।
पुनर्विकास परियोजनाएं लागू करते समय संबंधित डेवलपर्स प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक यूडीसीपीआर में संशोधन के सुझाव दें। उपाय करें। साथ ही भविष्य में अधिक से अधिक किफायती घरों के निर्माण के लिए हितधारकसंजीव जायसवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, म्हाडा