मीरा-भाईंदर मनपा स्कूल (सोर्स: फोटो नवभारत)
मुंबई

मीरा-भाईंदर मनपा स्कूलों को बड़ा झटका! एक साल में छात्र संख्या 4,571 की गिरावट, शिक्षा विभाग पर उठे सवाल...

Mumbai Student Enrollment Drop: मीरा-भाईंदर मनपा के स्कूलों में इस साल नामांकन 9,613 से घटकर 5,042 पर आ गया, हालांकि शिक्षा विभाग का कहना है कि 30 सितंबर तक नए दाखिलों के बाद ही अंतिम स्थिति साफ होगी।

मनीषा बोंदरे

Mumbai MBMC School Enrollment: मीरा-भाईंदर मनपा के स्कूलों में लगातार बढ़ रहे नामांकन को इस साल बड़ा झटका लगा है। पिछले वर्ष जहां 9,613 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, वहीं 2026-27 में अब तक यह आंकड़ा घटकर सिर्फ 5,042 रह गया है।

यानी एक साल में 4,571 विद्यार्थियों की कमी सामने आई है। इस अचानक गिरावट ने मनपा के शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मीरा-भाईंदर मनपा के स्कूलों में चानक भारी गिरावट

मीरा-भाईंदर मनपा के स्कूलों में पिछले पांच वर्षों से लगातार बढ़ रही विद्यार्थियों की संख्या में इस साल अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 9,613 विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ था, जबकि नए शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में अब तक महज 5,042 विद्यार्थियों का ही नामांकन सामने आया है।

पिछले साल के मुकाबले मौजूदा आंकड़ा 4,571 विद्यार्थियों कम है। करीब आधी संख्या तक पहुंच चुके नामांकन ने मनपा के शिक्षा विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि अभी ये आंकड़े अंतिम नहीं हैं।

2002 में मनपा के पास आए थे 28 स्कूल

मीरा-भाईंदर मनपा की स्थापना वर्ष 2002 में हुई थी। उस समय जिला परिषद के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 28 स्कूल और 202 शिक्षक मनपा को हस्तांतरित किए गए थे। इसके बाद मनपा ने स्कूलों की संख्या बढ़ाकर 36 कर दी।

इनमें 21 मराठी माध्यम और 4 हिंदी माध्यम के स्कूलों के अलावा उर्दू और गुजराती माध्यम के विद्यालय भी शामिल थे। हालांकि हाल ही में गुजराती माध्यम के पांच स्कूल बंद किए जाने के बाद वर्तमान में मनपा के 31 विद्यालय संचालित हो रहे हैं।

जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए अहम माध्यम

मनपा स्कूलों में मुख्य रूप से सामान्य और जरूरतमंद परिवारों के बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं। विद्यार्थियों को मनपा की ओर से निःशुल्क शिक्षा और शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षा नीति भी लागू की गई है, जिस पर मनपा हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च करती है।

पांच साल तक लगातार बढ़ा था नामांकन

मनपा स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी थी। आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में 8,982, 2024-25 में 9,454 और 2025-26 में 9,613 विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ था।

लेकिन 2026-27 में अब तक केवल 5,042 विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज हुआ है। अचानक आई इस गिरावट ने शिक्षा विभाग के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

30 सितंबर के बाद सामने आएगी असली तस्वीर

शिक्षा अधिकारी सुलभा वटारे के अनुसार, मनपा स्कूलों में विद्यार्थियों की अंतिम संख्या आमतौर पर सितंबर के अंत में निर्धारित होती है। मौजूदा आंकड़ों में उन्हीं विद्यार्थियों को शामिल किया गया है, जिनके आधार कार्ड यू-डाइस प्रणाली पर अपलोड किए जा चुके हैं।

विभाग के मुताबिक मीरा-भाईंदर शहर से बाहर गए परिवारों के बच्चे, कृषि कार्य के लिए अपने मूल गांव गए विद्यार्थी या अन्य कारणों से फिलहाल स्कूल से दूर बच्चे वापस लौटकर दाखिला ले सकते हैं। इसलिए 5,042 का वर्तमान आंकड़ा अंतिम नहीं माना जा सकता।

अब शिक्षा विभाग के साथ अभिभावकों और प्रशासन की नजरें 30 सितंबर पर टिकी हैं। इसके बाद ही पता चलेगा कि नामांकन में आई यह भारी गिरावट अस्थायी है या इसके पीछे कोई बड़ा कारण है।

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