मध्य रेलवे (सोर्स- सोशल मीडिया) 
मुंबई

मस्जिद बंदर स्टेशन पर चलती ट्रेन से यात्री को धक्का देने का आरोप खारिज, मध्य रेलवे को CCTV में नहीं मिले सबूत

Mumbai Local Train: मस्जिद बंदर स्टेशन पर TC द्वारा चलती ट्रेन से यात्री को धक्का देने के आरोपों को मध्य रेलवे ने खारिज किया। CCTV फुटेज में मारपीट का कोई सबूत नहीं मिला।

रूपम सिंह

Mumbai Masjid Bunder Train Incident: मस्जिद बंदर स्टेशन पर चलती लोकल ट्रेन से एक यात्री को टीसी द्वारा धक्का देने के आरोपों को मध्य रेलवे ने प्रारंभिक जांच के बाद खारिज कर दिया है। रेलवे का कहना है कि मामले की जांच के दौरान उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में मारपीट या शारीरिक बल प्रयोग का कोई सबूत नहीं मिला। शिकायत एक यात्री ने दर्ज कराई थी, जबकि संबंधित टीसी ने सभी आरोपों से इनकार किया है।

रेलवे ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात कही है। नियमित उपनगरीय यात्री सचिन कुमार मौर्य ने आरपीएफ, जीआरपी और मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि 25 जुलाई को सुबह करीब 9.30 बजे मस्जिद बंदर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर एक बिना टिकट यात्री को चलती सीएसएमटी स्लो लोकल से टिकट जांचकर्ता ने कथित रूप से लात मारकर नीचे गिरा दिया।

चार-पांच सेकंड में उतर गया कर्मचारी

शिकायतकर्ता ने रेलवे कर्मचारी पर असंवेदनशील टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया और सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने, विभागीय जांच और आरोप सिद्ध होने पर आपराधिक कार्रवाई की मांग की।

मध्य रेलवे ने अपनी जांच में संबंधित कर्मचारी की पहचान एचटीसी विकास दीप कुकरेती के रूप में की। कर्मचारी ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि संदिग्ध बिना टिकट यात्री ने उन्हें देखते ही स्वयं डिब्बे के दूसरी ओर से रेलवे ट्रैक पर छलाग लगा दी, जिसके बाद वह भी ट्रेन से नीचे उतर गया।

संबंधित कर्मचारी चार से पांच सेकड के भीतर ही ट्रेन से उतर गया था। मुंबई रेलवे का कहना है कि कम समय में डिब्बे में प्रवेश कर मारपीट करना और फिर उतर जाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

रेलवे ने दी जांच पर सफाई

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और घटनाक्रम के समय के आधार पर इतने कम समय में डिब्बे में प्रवेश कर किसी यात्री के साथ मारपीट कर फिर उतर जाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं दिखता। शिकायतकर्ता ने मामले में सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, विभागीय जांच तथा आरोप सिद्ध होने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मध्य रेलवे ने कहा है कि प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

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