उदय सामंत (सोर्सः सोशल मीडिया)
मुंबई

मनोज जरांगे ऑडियो क्लिप विवाद, उदय सामंत ने की SIT और फॉरेंसिक जांच की मांग

Manoj Jarange Audio Clip: मनोज जरांगे की वायरल ऑडियो क्लिप विवाद पर शिवसेना नेता उदय सामंत ने SIT, फॉरेंसिक और साइबर जांच की मांग की है। जानिए इस मामले से जुड़ी पूरी अपडेट।

गोरक्ष पोफली

Highlights

  • शिवसेना नेता उदय सामंत ने मनोज जरांगे की वायरल ऑडियो की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

  • कथित ऑडियो क्लिप के जरिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की छवि खराब करने का प्रयास किया गया।

  • शिवसेना का एक प्रतिनिधिमंडल इस मामले की औपचारिक जांच के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलेगा।

Uday Samant Demends SIT Investigation: शिवसेना के वरिष्ठ नेता और उद्योग मंत्री उदय सामंत ने गुरुवार को मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा सार्वजनिक की गई 32 मिनट की वायरल ऑडियो क्लिप की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की फॉरेंसिक जांच, साइबर जांच और विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराई जानी चाहिए।

महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब मनोज जरांगे ने एक कथित ऑडियो क्लिप जारी करते हुए मराठा आंदोलन को बदनाम करने और उनके आंदोलन को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया।

ऑडियो में 500 करोड़ के लेनदेन का दावा

ऑडियो के एक हिस्से में कथित तौर पर कहा गया है, जरांगे को पहले ही 500 करोड़ रुपए पहुंच चुके हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि मुख्य व्यक्तिगत निशाना देवेंद्र फडणवीस और भाजपा है।

शिंदे की छवि धूमिल करने की गहरी साजिश

उदय सामंत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह ऑडियो क्लिप उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मराठा समाज में छवि खराब करने और शिवसेना व भाजपा के बीच गलतफहमी पैदा करने की गहरी साजिश का हिस्सा हो सकती है।

उन्होंने कहा कि ऑडियो क्लिप में हुई बातचीत की सत्यता की जांच जरूरी है। सामंत ने मांग की कि पुलिस, साइबर सेल, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं और एसआईटी द्वारा व्यापक जांच की जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिकॉर्डिंग में आवाजें किसकी हैं, इसे किसने रिकॉर्ड किया, यह कहां रिकॉर्ड की गई और यह मनोज जरांगे पाटिल तक कैसे पहुंची।

500 करोड़ रुपए के कथित लेनदेन पर सामंत ने कहा कि मनोज जरांगे पाटिल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्हें कोई पैसा नहीं मिला। वहीं, एकनाथ शिंदे भी इस मामले पर अपना पक्ष रख चुके हैं।

पर्दे के पीछे के चेहरों का बेनकाब होना जरूरी

उन्होंने कहा कि अपुष्ट धनराशि के दावों पर बहस करने के बजाय उन लोगों का पता लगाना जरूरी है जो पर्दे के पीछे से इस पूरे मामले को संचालित कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग, चाहे पार्टी के भीतर हों या बाहर, इस मुद्दे का फायदा उठाकर मराठा समाज और शिवसेना के बीच दूरी पैदा करना चाहते हैं। साथ ही, वे शिवसेना और भाजपा के गठबंधन संबंधों को भी कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

CM से मिलकर औपचारिक मांग करेगा प्रतिनिधिमंडल

उन्होंने बताया कि शिवसेना का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर इन जांचों की औपचारिक मांग करेगा। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामदास कदम ने भी ऑडियो क्लिप की सामग्री पर कड़ी टिप्पणी की।

रामदास कदम ने कहा कि मराठा आरक्षण को कानूनी मजबूती और न्याय दिलाने में एकनाथ शिंदे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने दावा किया कि मराठा समुदाय के लिए आवश्यक कानूनी रणनीतियां उनके नेतृत्व की पहल पर तैयार की गई थीं।

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