

मनोज जरांगे-पाटील द्वारा वायरल ऑडियो क्लिप जारी किए जाने के बाद महायुति गठबंधन में सियासी भूचाल आ गया है।
शिंदे गुट ने इस गंभीर मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी साइबर जांच कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय लिया है।
शिवसेना नेताओं ने बीजेपी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस पूरी साजिश की फोरेंसिक जांच कराने पर जोर दिया है।
Shinde Faction Delegation CM Fadnavis Visit: मनोज जरांगे-पाटील द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑडियो क्लिप सार्वजनिक किए जाने के बाद महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में अचानक भारी हलचल मच गई है। इस ऑडियो क्लिप के सामने आते ही शिंदे गुट के तेवर कड़े हो गए हैं और पार्टी ने किसी भी तरह से बैकफुट पर जाने के बजाय फ्रंटफुट पर खेलने का मन बना लिया है।
शिंदे गुट के नेताओं ने महायुति के भीतर अपने ही नेताओं की घेराबंदी पर गंभीर आपत्ति जताई है और मामले की पारदर्शी जांच कराने का फैसला किया है। इसी सिलसिले में शिवसेना के वरिष्ठ सांसदों और विधायकों का एक शिष्टमंडल आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने जा रहा है, ताकि इस पूरे मामले की फोरेंसिक और साइबर जांच कराई जा सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मनोज जरांगे-पाटील ने आरोप लगाया कि सत्ता के गलियारों में यह बात फैलाई जा रही है कि उन्हें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के जरिए 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए हैं।
मनोज जरांगे ने एक ऑडियो क्लिप चलाई, जिसमें बीजेपी के आईटी सेल की एक महिला सदस्य कथित तौर पर यह कहती सुनी जा रही है कि श्रीकांत शिंदे के माध्यम से जरांगे पाटील तक 500 करोड़ रुपये पहुंचा दिए गए हैं। यह बातचीत विधानसभा चुनावों के दौरान आयोजित बीजेपी की एक कॉन्फ्रेंस मीटिंग से जुड़ी बताई जा रही है।
इस ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता और सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है ।
शिवसेना के वरिष्ठ नेता और मंत्री उदय सामंत ने कोल्हापुर में कहा कि ऑडियो क्लिप में बीजेपी से जुड़े लोगों के नाम और आवाजें आ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की कि अगर यह ऑडियो क्लिप असली है, तो बीजेपी नेतृत्व को जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सामंत ने कहा कि श्रीकांत शिंदे और एकनाथ शिंदे को बदनाम कर शिवसेना और जरांगे पाटील के बीच संघर्ष पैदा करने का षड्यंत्र रचा गया है। उन्होंने इस ऑडियो क्लिप की SIT, साइबर और फोरेंसिक जांच कराने पर जोर दिया।
शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने भी कहा कि क्लिप में बोलने वाले लोग बीजेपी के ही हैं। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह ऑडियो क्लिप 14 अक्टूबर 2024 की है, तो जरांगे पाटील ने इसे 2-3 साल तक अपने पास दबाकर क्यों रखा?
कदम ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने मराठा समाज को आरक्षण दिलाने में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री फडणवीस को पत्र लिखकर इस साजिश की गहन जांच कराने की मांग की।
इस ऑडियो क्लिप के बाहर आने के बाद बीजेपी और शिवसेना के बीच अविश्वास की खाई चौड़ी होती दिख रही है। शिंदे गुट के नेताओं द्वारा यह सार्वजनिक रूप से कहना कि गठबंधन में अपने ही साथियों के खिलाफ ऐसा षड्यंत्र ठीक नहीं है, यह दर्शाता है कि महायुति के अंदरूनी समीकरण बेहद नाजुक दौर में पहुंच गए हैं।
शिवसेना का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से यह भी पूछेगा कि क्या पार्टी नेतृत्व की नजरों से छिपाकर ऐसा कृत्य किया जा रहा है। यदि इस मामले पर बीजेपी की ओर से जल्द सफाई नहीं आई, तो आने वाले दिनों में महायुति गठबंधन के भीतर बड़ा सियासी भूचाल आना तय माना जा रहा है।