BMC Mayor: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि भगवान की इच्छा है कि मुंबई का मेयर महायुति से बने। उन्होंने भरोसा जताया कि शिंदे साहब और मैं साथ बैठकर बातचीत करेंगे और मुंबई को अच्छे तरीके से चलाएंगे। अब किसी भी तरह की टालमटोल की जरूरत नहीं है, ऐसा भी उन्होंने स्पष्ट किया।
फडणवीस ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि दोनों ठाकरे भाइयों के एक साथ आने से राज ठाकरे को बड़ा नुकसान होगा। मुंबई, पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। मुंबई में महायुति के 118 कॉर्पोरेटर चुने गए हैं। अब हम एकनाथ शिंदे के साथ बैठकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे, ऐसा उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें स्पष्ट बहुमत मिला है। पिछले तीन चुनावों में किसी को भी यह बहुमत नहीं मिला था। ऊपर वाले ने तय किया है कि मुंबई का मेयर महायुति का होना चाहिए। इसलिए मुंबई में महायुति का ही मेयर बनेगा। शिंदे साहब और हम मिलकर सभी फैसले लेंगे और मुंबई को बेहतर तरीके से चलाएंगे।”
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि एमएनएस को ज्यादा सफलता मिलेगी। दोनों ठाकरे भाइयों के गठबंधन से राज ठाकरे को नुकसान हुआ है, जबकि उद्धव ठाकरे को इसका कुछ फायदा हुआ है।
चुनाव के बाद एकनाथ शिंदे द्वारा कॉर्पोरेटरों को होटल में रखे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि शिंदे ने भी वही किया होगा, जैसा हमने अपने कॉर्पोरेटरों को एकजुट रखने के लिए किया था। अब किसी भी तरह की टालमटोल की जरूरत नहीं है।
जब उनसे पूछा गया कि पुणे के ‘दादा’ कौन हैं, तो फडणवीस ने कहा कि पुणे के लोग ही दादा हैं। हमारे दोनों नेता मुरलीधर मोहोल और महेश लांडगे सक्षम और काबिल हैं, उन्हें किसी से शिकायत करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है, इसी वजह से महायुति को यह बड़ी सफलता मिली है।
बता दें कि उद्धव ठाकरे ने कहा है कि “भगवान (देव)चाहेंगे तो मेयर हमारा होगा, मेवा का नहीं,” कहते हुए उन्होंने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। जिसपर मुंख्यमंत्री ने भी चुटकी लेते हुए मराठी में कहा कि हा ऊपर वाला यानें 'देवा' चांहेंगे तो महायुती का ही मेयर होगा।