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महारेरा ने महाराष्ट्र में 435 नई आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनके तहत कुल 32,981 फ्लैट बनाए जाएंगे, जिनकी अनुमानित लागत 23,719 करोड़ रुपये है।
मंजूर परियोजनाओं में मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) की 201 और पुणे डिवीजन की 167 परियोजनाएं शामिल हैं।
पुणे शहर में 140 नई आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। पुणे डिवीजन की सभी परियोजनाओं के तहत 10,553 फ्लैट बनाए जाएंगे।
Mumbai MMR Housing Projects: महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (महारेरा) ने राज्य में 435 नई आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के तहत कुल 32,981 फ्लैट बनाए जाएंगे। इनकी अनुमानित परियोजना लागत 23,719 करोड़ रुपये है। शहरों और जिलों के लिहाज से पुणे सबसे आगे रहा, जहां 140 परियोजनाओं को मंजूरी मिली। महारेरा की इस पहल से त्योहारी सीजन में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए नए विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दशहरे पर पंजीकरण वाली 435 परियोजनाओं में से 201 मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) और 167 पुणे डिवीजन की हैं। पुणे डिवीजन की 167 परियोजनाओं में अकेले पुणे शहर की 140 परियोजनाएं शामिल हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, त्योहारी सीजन में घरों की मांग बढ़ने के कारण डेवलपर्स इस अवधि में परियोजनाओं की मंजूरी और पंजीकरण प्राप्त करने पर विशेष जोर देते हैं।
पुणे डिवीजन की 167 परियोजनाओं के तहत कुल 10,553 फ्लैट बनाए जाएंगे। इनकी अनुमानित परियोजना लागत 6,970 करोड़ रुपये है। पुणे के अलावा सातारा में 13, कोल्हापुर में 8 तथा सांगली और सोलापुर में तीन-तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। एमएमआर में कुल 201 परियोजनाओं का पंजीकरण हुआ है। इनमें मुंबई शहर और उपनगरों की 63, ठाणे की 70, रायगढ़ की 36, पालघर की 25, रत्नागिरी की पांच और सिंधुदुर्ग की दो परियोजनाएं शामिल हैं। इस तरह एमएमआर में ठाणे जिला भी नई आवासीय परियोजनाओं के लिहाज से प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी नई आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। विदर्भ में कुल 32 परियोजनाओं को पंजीकरण मिला है। इनमें नागपुर की 27, अमरावती की चार और अकोला की एक परियोजना शामिल है।
खानदेश क्षेत्र में कुल 24 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें नासिक की 23 और अहिल्यानगर की एक परियोजना है। मराठवाड़ा में 8 परियोजनाओं को पंजीकरण मिला है। इनमें संभाजीनगर की सात और नांदेड़ की एक परियोजना शामिल है। इसके अलावा दादरा और नगर हवेली में दो तथा दमन में एक परियोजना को भी मंजूरी दी गई है।
नई परियोजनाओं के पंजीकरण के अलावा महारेरा ने 210 मौजूदा परियोजनाओं को समयसीमा में विस्तार (एक्सटेंशन) देने और 609 परियोजनाओं के संशोधन प्रस्तावों (करेक्शन प्रपोजल) को मंजूरी दी। महारेरा के अनुसार, परियोजनाओं को संबंधित डेवलपर्स की ओर से प्रस्तुत योजनाओं के अनुरूप समय विस्तार दिया गया है। त्योहारी सीजन से पहले आवेदनों का निपटारा समय पर करने के लिए महारेरा की पूरी टीम ने लगातार काम किया।
नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नरेडको), महाराष्ट्र के अध्यक्ष कमलेश ठाकुर ने कहा कि त्योहारी सीजन से पहले 23,719 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 435 आवासीय परियोजनाओं को समय पर मंजूरी मिलना महाराष्ट्र के रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और प्रोत्साहन है। उन्होंने कहा कि यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है, जब बाजार में उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत है और त्योहारी सीजन में घरों की मांग आम तौर पर बढ़ जाती है। खासकर मुंबई महानगर क्षेत्र और पुणे जैसे बाजारों में इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि महारेरा की सावधानीपूर्वक जांच प्रक्रिया घर खरीदारों का विश्वास बढ़ाती है और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की दिशा में मदद करती है।
महारेरा के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच आवासीय परियोजनाओं से संबंधित कुल 6,486 आवेदनों को मंजूरी दी गई। इनमें 2,056 नई परियोजनाओं के पंजीकरण, 2,053 समय विस्तार और 2,377 संशोधन प्रस्ताव शामिल थे। अक्टूबर में दी गई मंजूरियों के बाद स्वीकृत आवेदनों की कुल संख्या बढ़कर 7,740 हो गई है। इनमें 2,491 नए पंजीकरण, 2,872 समय विस्तार और 2,377 संशोधन प्रस्ताव शामिल हैं।