Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में शनिवार, 10 अक्टूबर को मानसून की वापसी के बाद गर्मी का असर बढ़ने की संभावना है। राज्य के कई हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने और दिन के समय तेज धूप निकलने का अनुमान है।
मुंबई, ठाणे और पुणे में लोगों को गर्मी तथा उमस का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, नागपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय धूप तेज रह सकती है। उपलब्ध राज्यस्तरीय जानकारी में अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में तापमान और स्थानीय मौसम की स्थिति में अंतर देखने को मिल सकता है। फिलहाल व्यापक बारिश की संभावना कम बताई गई है।
मुंबई और ठाणे में शनिवार को गर्म तथा उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। दिन में तेज धूप के कारण तापमान बढ़ सकता है। समुद्र के आसपास चलने वाली हवाओं से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन उमस परेशानी बढ़ा सकती है। नागरिकों को दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में रहने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जाती है।
पुणे शहर में मानसून की वापसी के बाद दिन का तापमान बढ़ने लगा है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, 8 अक्टूबर को शिवाजीनगर में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। आगामी दिनों में पारा 36 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी। ऐसे में दोपहर के समय गर्मी का असर अधिक महसूस हो सकता है।
नागपुर में 10 अक्टूबर को तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सूर्योदय सुबह 5:51 बजे और सूर्यास्त शाम 5:34 बजे होने का अनुमान है। शहर में आर्द्रता 90 प्रतिशत और वायुमंडलीय दबाव 1012 दर्ज किया गया है।
नागपुर शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 118 बताया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, PM2.5 का स्तर 34 और PM10 का स्तर 76 है। AQI के वर्गीकरण के अनुसार, 118 का स्तर मध्यम श्रेणी में आता है, न कि खराब श्रेणी में। संवेदनशील लोगों को हवा की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए और असुविधा होने पर बाहरी गतिविधियां सीमित रखनी चाहिए।
विदर्भ और मराठवाड़ा के कई इलाकों में दोपहर के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान का असर महसूस हो सकता है। नागरिक हल्के कपड़े पहनें, पर्याप्त पानी पिएं और अत्यधिक गर्मी के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। किसानों को सिंचाई और खेती से जुड़े फैसले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर लेने चाहिए।