Maharashtra Uniform Civil Code Devendra Fadnavis: बहुप्रतिक्षित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) अब जल्द ही महाराष्ट्र में भी लागू होने जा रही है। इस दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को विधानसभा में घोषणा की कि राज्य में यूसीसी का मसौदा और नियम तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। इससे यह साफ हो गया है कि महाराष्ट्र में अब यूसीसी का आना तय है। इसके लिए सात सदस्यों की एक विशेष कमेटी बना दी गई है और आगामी शीतकालीन सत्र में इसकी रिपोर्ट विधानसभा के सामने आ जाएगी।
समान नागरिक संहिता के लिए बनाई गई इस उच्च स्तरीय समिति में कानून, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र के दिग्गजों को जगह मिली है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके अलावा समिति में मुंबई हाई कोर्ट के दो पूर्व जज आर।सी। चव्हाण और एस।जी। मेहरे को सदस्य बनाया गया है। साथ ही राज्य के पूर्व मुख्य सचिव
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बताया कि यह समिति अगले छह महीनों में अपना अध्ययन पूरा कर राज्य सरकार को रिपोर्ट सौपगी, सरकार का प्रयास है कि रिपोर्ट मिलते ही आगामी नागपुर शीतकालीन सत्र में इस विधेयक को विधानसभा और विधान परिषद दोनों जगह मंजूरी के लिए पेश किया जाए। वहां से पारित होने के बाद इस मसौदे को कानून का रूप दे दिया जाएगा।
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उल्लेखनीय यह है कि उत्तराखंड 27 जनवरी 2025 को यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। यदि दिसंबर 2026 में संभावित शीत सत्र में यूसीसी बिल को दोनों सदनों की मंजूरी मिल जाती है तो महाराष्ट्र इसे लागू करनेवाला दूसरा राज्य बन जाएगा।
डी.के. जैन और पूर्व महाधिवक्ता वीरेंद्र सराफ भी इस टीम का हिस्सा हैं। सामाजिक क्षेत्र से पद्मश्री रमेश पतंगे और डॉ. सुवर्णा रावल को भी इसमें शामिल किया गया है।