आदिम जनजातियों और पारधी समाज के लिए ₹160 करोड़ का पैकेज।
जनजातियों को ₹130 करोड़, पारधी समाज को ₹30 करोड़।
व्यक्तिगत और सामूहिक योजनाओं पर 100% सरकारी अनुदान।
Maharashtra Tribal Development: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की आदिम जनजातियों और पारधी समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए 160 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को लागू करने का शासन निर्णय (जीआर) जारी किया है।
बजट 2026-27 में घोषित इस पैकेज का उद्देश्य इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। यह पहल राज्य के 'विकसित महाराष्ट्र 2047' के लक्ष्य का हिस्सा है। इसके तहत बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार ने विशेष पैकेज केत कातकरी, कोलाम और माडिया जनजातियों के लिए 130 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि पारधी समाज के विकास के लिए 30 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इस राशि से विभिन्न व्यक्तिगत और सामूहिक योजनाएं लागू की जाएंगी।
व्यक्तिगत योजनाओं के लिए प्रत्येक लाभार्थी को 50 हजार रुपये तक तथा दो या अधिक लाभार्थियों की सामूहिक योजनाओं के लिए 7.5 लाख रुपये तक का 100 प्रतिशत सरकारी अनुदान दिया जाएगा। यदि किसी लाभार्थी के पास योजना में अपना हिस्सा देने के लिए राशि उपलब्ध नहीं है, तो उसकी व्यवस्था भी आदिवासी विकास विभाग करेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए महिला बचत समूहों को 7.5 लाख रुपये तक की सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से महिलाओं को सामूहिक गतिविधियों और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, आदिवासी समुदायों की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर रहेगा।
पारधी समाज और पुलिस के बीच संवाद बढ़ाकर आपसी विश्वास कायम करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इसके अलावा पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम यानी पेसा और वन अधिकार कानूनों के प्रति समुदायों में जागरूकता फैलाई जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है।
विशेष शिविरों के जरिए पात्र लोगों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और बैंक खाते जैसे जरूरी दस्तावेज तैयार कराने में मदद की जाएगी। स्वास्थ्य जांच शिविरों के माध्यम से लोगों तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी।
शिक्षा से वंचित बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के लिए वस्तीशाला, रात्रि पाठशाला और आश्रमशालाओं में ग्रीष्मकालीन आवासीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य इन समुदायों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाना और उनके लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।