Maharashtra ST Mahamandal: महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल में वर्षों पुराने और जर्जर ट्रॉली जैक अब कर्मचारियों के लिए 'मौत के जाल' बनते जा रहे हैं। मरम्मत कार्य के दौरान जैक फिसलने की घटनाओं में अब तक चार मैकेनिकल कर्मचारियों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। लगातार बढ़ते हादसों के बीच कर्मचारी संगठनों ने पुराने उपकरणों को तत्काल हटाकर नए ट्रॉली जैक खरीदने और कार्यशालाओं में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है।
उल्लेखनीय है कि एसटी महामंडल में लगभग 15,200 मैकेनिकल कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन पर बसों के दैनिक रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी है। हालांकि, पिछले कई वर्षों से नए ट्रॉली जैक की खरीद नहीं की गई है।
लगातार उपयोग के कारण अधिकांश जैक जर्जर और अनुपयोगी हो चुके हैं, जिससे उनका इस्तेमाल बेहद जोखिम भरा बन गया है। पहले संचालित बसों का वजन अपेक्षाकृत कम था, लेकिन अब बेड़े में अधिक वजन वाली नई बसों के शामिल होने से पुराने ट्रॉली जैक उनका भार सुरक्षित रूप से नहीं उठा पा रहे हैं। इसके चलते जैक फिसलने की घटनाएं बढ़ रही हैं और कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर संकट पैदा हो गया है।
एसटी में बसों के दैनिक रखरखाव और मरम्मत के लिए ट्रॉली जैक अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण है, लेकिन पिछले कई वर्षों से नए ट्रॉली जैक की खरीद नहीं होने के कारण पुराने और जर्जर जैक कर्मचारियों की जान के लिए खतरा बन गए हैं। ऐसे में जानलेवा साबित हो रहे पुराने ट्रॉली जैक को तत्काल कबाड़ घोषित कर नए ट्रॉली जैक खरीदे जाएं। इस तरह की मांग महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने की है।
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राज्यभर में कम से कम 350 ट्रॉली जैक की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में एसटी के पास 20 टन क्षमता वाले केवल लगभग 40 ट्रॉली जैक तथा कुछ इससे कम क्षमता वाले जैक उपलब्ध है, इसके अलावा करीब 4,000 बॉटल टाइप जैक मौजूद हैं, लेकिन बढ़ती ब्रेकडाउन घटनाओं, पुरानी बसों की संख्या और रखरखाव के बढ़ते दबाव को देखते हुए ये उपकरण भी अपर्याप्त साबित हो रहे हैं।
महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी महासचिव श्रीरंग बरगे ने बाताया की नए ट्रॉली जैक और बॉटल टाइप जैक की तत्काल खरीद की जाए, ताकि मैकेनिकल कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव कम हो सके और मरम्मत कार्य के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सकें।