Maharashtra ST Bus Meeting Chaos News: घाटे में चल रहे एसटी महामंडल और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर गुरुवार को बुलाई गई बैठक में जमकर हंगामा हुआ।
एसटी महामंडल में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विधायक सदाभाऊ खोत और गोपीचंद पडलकर इतने आक्रामक हो गए कि सीधे एमडी डॉ। माधव कुसेकर की ओर झपट पड़े।परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामला शांत कराया। परिवहन मंत्री सरनाईक ने एसटी महामंडल की समस्याओं को लेकर बैठक बुलाई थी। यह बैठक तब हंगामेदार हो गई जब खोत और पडलकर ने एमडी कुसेकर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
चर्चा के दौरान खोत व पडलकर गुस्से में आकर कुसेकर की और दौड़ पड़े और उन्हें बैठक से बाहर निकालने की मांग करने लगे। मंत्री सरनाईक की मध्यस्थता के बाद किसी तरह मामला शांत कराया गया। प्रताप सरनाईक ने कर्मचारियों के मुद्दों को सुलझाने के लिए।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से फोन पर बात की। खोत ने आरोप लगाया कि हमारे विरोध के बाद भी एमडी को बैठक में बुलाया गया। कुछ अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया है। इस पर चर्चा होनी चाहिए थी। लगा था कि हमें सरनाईक जैसा मजबूत परिवहन मंत्री मिला है लेकिन वे सीवर गैंग और भ्रष्टाचार के गवाह बनने लगे हैं जो हमारे लिए दुख की बात है। परिवहन मंत्री सरनाईक ने एसटी महामंडल के 86,000 कर्मचारियों के हित के लिए बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 फीसदी महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है।
एसटी महामंडल के मुख्यालय में हुई इस बैठक में वेतन, भत्ता, बकाया राशि, सेवा की शर्तें, रिक्त पद भरने, बस स्टैंड का विकास, वेलफेयर स्कीम और महामंडल की आर्थिक स्थिति सुधारने जैसे तमाम मुद्दों पर विस्तृत चचर्चा की गई। कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक फैसला लेने का भरोसा दिलाते हुए मंत्री सरनाईक ने प्रशासन को जरूरी कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। मंत्री सरनाईक ने कामगार यूनियन से हडताल घर न जाने की अपील की है।
मंत्री सरनाईक ने बताया कि अब तक एसटी के बेड़े में 3,500 नई बसे जोड़ी जा चुकी है। सीएम फडणवीस के मार्गदर्शन में साल 2035 तक शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसें सामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पूरे राज्य में आवश्यक चार्जिंग स्टेशन बनाने के निर्देश दिए गए है। एसटी की मुख्य सुरक्षा व विजिलेंस अधिकारी प्रियंका नारनवारे के नेतृत्व में पूरे राज्य में गैर-कानूनी यात्रियों के परिवहन पर कार्रवाई की जा रही है। इससे एसटी की आय पर अच्छा असर पड़ा है और इस मुहिम को और तेज किया जाएगा।
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एसटी के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। महाराष्ट्र एसटी कामगार संयुक्त कृति समिति ने 29 जून से राज्यभर में बेमियादी धरना और चक्का जाम आंदोलन की चेतावनी दी है। मुंबई में गुरुवार को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ राज्य की प्रमुख एसटी कर्मचारी संगठनों की बैठक हुई। बैठक में कर्मचारियों के आर्थिक और सेवा संबंधी लंबित मुद्दों पर चर्चा के बाद संयुक्त कृति समिति ने आंदोलन का निर्णय लिया।