स्कूल बैग वजन नीति, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

स्कूल बैग का वजन छात्र के भार का 10% से अधिक न हो, महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश

Maharashtra Education News: महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि छात्रों के बस्ते का वजन उनके शरीर के वजन के 10% से अधिक न हो। नियमों का उल्लंघन करने पर मान्यता रद्द हो सकती है।

रूपम सिंह

Maharashtra School Bag Weight Policy: विद्यार्थियों को भारी बस्ते से राहत देने के लिए महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अब किसी भी विद्यार्थी के स्कूल बैग का वजन उसके शरीर के वजन के 10 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। यह निर्देश सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी सभी स्कूलों पर लागू होगा। इस निर्देश के बाद मुंबई समेत राज्य के उन बच्चों को भारी बैग उठाने की मजबूरी से आजादी मिलने वाली है।

जागरूकता फैलाने पर जोर

स्कूल शिक्षा आयुक्त की ओर से 1 सितंबर को जारी निर्देश में स्कूलों को कहा गया है कि वे अपनी कक्षा की समय-सारिणी इस तरह तैयार करें, जिससे विद्यार्थियों को हर दिन जरूरत की ही किताबें, कॉपियां और पढ़ाई से जुड़ी अन्य सामग्री स्कूल लानी पड़े। इससे बस्ते का वजन कम करने में मदद मिलेगी। यह निर्देश केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से 11 अगस्त को जारी बस्ता वजन कम करने संबंधी दिशा-निर्देशों के आधार पर दिया गया है।

इन दिशा-निर्देशों में स्कूलों को विद्यार्थियों के बस्ते के वजन की नियमित निगरानी करने और भारी बस्ता उठाने से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया है।

मुंबई समेत राज्य के कई स्कूलों में प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थी रोजाना कई किताबें, कॉपियां, अभ्यास पुस्तिकाएं और दूसरी पढ़ाई सामग्री लेकर जाते हैं। लंबे समय से अभिभावक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग भारी बस्ते की समस्या उठाते रहे हैं।

उचित व्यवस्था करना आवश्यक

अब स्कूलों को तय सीमा के अनुसार बस्ते का वजन सुनिश्चित करना होगा। बस्ता नीति 2020 के तहत स्कूलों को नियमित रूप से विद्यार्थियों के बस्तों का वजन जांचना और स्कूल परिसर में इसके लिए उचित व्यवस्था करना आवश्यक है।

निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को सरकारी सहायता में कटौती जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। नए निर्देश के बाद अब स्कूलों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। शिक्षा विभाग की निगरानी में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुंबई के स्कूल वास्तव में विद्यार्थियों के बस्ते का वजन तय सीमा के भीतर रखते हैं या नहीं।।

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