Maharashtra Ration Card Income Limit: राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा कानून के तहत मुफ्त राशन पाने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा तय की गई 59 हजार रुपए की वार्षिक आय सीमा को अत्यंत पुरानी और असंवेदनशील बताते हुए मुंबई जनता दल (सेक्युलर) पार्टी ने इसे बढ़ाकर ढाई लाख रुपए करने की मांग की है। पार्टी अध्यक्ष सुरेंद्रकुमार बाजपेयी ने इस संबंध में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल को पत्र लिखकर तीखी आपत्ति जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि 30 दिनों के भीतर सरकार ने इस पर निर्णय नहीं लिया तो मुंबई उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की जाएगी।
बाजपेयी ने नवभारत संवाददाता से कहा कि महाराष्ट्र देश के आर्थिक रूप से अग्रणी राज्यों में शामिल होने के बावजूद यहां आय सीमा बेहद कम रखी गई है। दिल्ली में यह सीमा सालाना ढाई लाख रुपए, उत्तर प्रदेश में दो लाख रुपए तथा गुजरात के शहरी क्षेत्रों के लिए डेढ़ लाख रुपए है। इसकी तुलना में महाराष्ट्र में महज 59 हजार रुपए की आय सीमा तय होने से लाखों जरूरतमंद परिवार अन्न सुरक्षा के अधिकार से वंचित रह जाते हैं।
पत्र के अनुसार मुंबई मनपा और अन्य महानगरपालिका क्षेत्रों में अकुशल मजदूर का न्यूनतम मासिक वेतन करीब 13 हजार 921 रुपये है, जिसके अनुसार ऐसे परिवार की वार्षिक आय डेढ़ से पौने दो लाख रुपए तक पहुंच जाती है। यदि परिवार में दूसरा कमाने वाला सदस्य भी हो तो यह आय ढाई लाख रुपए तक जा सकती है। इससे कानूनी रूप से न्यूनतम वेतन पाने वाला मजदूर भी राशन के लिए अपात्र ठहराया जा रहा है, जिसे मुंबई जनता दल ने कानूनी और नैतिक विरोधाभास बताया है।
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बाजपेयी ने यह भी रेखांकित किया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा कानून के तहत मुफ्त अनाज वितरण का पूरा आर्थिक भार केंद्र सरकार वहन करती है, जिससे राज्य सरकार की तिजोरी पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता। इसके बावजूद केवल मापदंड अद्यतन न करने के कारण ऑटो रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, सुरक्षा रक्षक और निर्माण मजदूर जैसे वर्ग राशन सुविधा से वंचित रह रहे हैं।