Maharashtra Innovation City Centre Navi Mumbai: देश में नवाचार और उद्यमिता का नया युग आकार ले रहा है। केंद्र सरकार की 'स्टार्टअप इंडिया' पहल के तहत भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम ने अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश में रिकॉर्ड 55,200 से अधिक नए स्टार्टअप्स को सरकारी मान्यता दी गई है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 51.6 प्रतिशत की साल-दर-साल वृद्धि को दर्शाता है। इसके साथ ही देश में कुल मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स का आंकड़ा 31 मार्च 2026 तक 2.23 लाख के ऐतिहासिक मील के पत्थर को पार कर गया है।
नवाचार का यह दौर न केवल नए व्यवसायों को जन्म दे रहा है, बल्कि रोजगार और महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम भी बन चुका है। आंकड़ों के अनुसार, इन स्टार्टअप्स के माध्यम से देश भर में 23.36 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार (Direct Jobs) का सृजन हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में 36.1% अधिक है। सबसे उत्साहजनक बात यह है कि 1.07 लाख से अधिक (लगभग 48%) मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक या भागीदार (Women Director/Partner) है।
| राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या | सृजित प्रत्यक्ष रोजगार (Direct Jobs) |
|---|---|---|
| महाराष्ट्र | 33872 | 4,13,900 |
| कर्नाटक | 22600 | 2,46,000 |
| उत्तर प्रदेश | 21960 | 2,11,580 |
| दिल्ली | 21120 | 2,36,640 |
| गुजरात | 19270 | 2,14,800 |
| तमिलनाडु | 14830 | आंकड़े प्रक्रियाधीन |
| हरियाणा | 11620 | आंकड़े प्रक्रियाधीन |
| केरल | 8620 | आंकड़े प्रक्रियाधीन |
33,872 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और 4.13 लाख से अधिक रोजगार सृजन के साथ महाराष्ट्र पूरे देश में पहले पायदान पर बरकरार है। राज्य सरकार की 'स्टार्टअप, उद्यमिता एवं नवाचार नीति 2025' के तहत अगले 5 वर्षों में 50 हजार नए स्टार्टअप्स को मंजूरी देने, 1.25 लाख नए उद्यमी तैयार करने और 50 लाख रोजगार पैदा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए नवी मुंबई में 300 एकड़ में 'महाराष्ट्र इनोवेशन सिटी सेंटर' का निर्माण किया जा रहा है, वहीं मुख्यमंत्री के ₹500 करोड़ के 'महा-फंड' से उद्यमियों को सीधी वित्तीय सहायता दी जा रही है। महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत के अनुसार, सरकारी प्रक्रियाओं में लगने वाली देरी को खत्म कर प्रोत्साहन योजनाओं को मात्र 48 घंटे के भीतर मंजूरी देने का लक्ष्य रखा गया है।