मुंबई : आरक्षण को लेकर अमेरिका में दिए गए राहुल गांधी के बयान का विरोध करने के दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बुलढाणा से विधायक संजय गायकवाड़ ने आपत्तिजनक बयान दिया था। गायकवाड़ ने राहुल की जीभ काटनेवाले को 11 लाख रुपए का इनाम देने की बात कही थी। इससे महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। अब बीजेपी के सांसद अनिल बोंडे ने उस विवाद का आगे बढ़ाने का काम ने किया है। बोंडे ने कथित बयान के लिए राहुल की जीभ पर चटका लगाने (गरम चीज से दागने) की बात कही है। बोंडे के बयान के विरोध में अब कांग्रेस गुरुवार को राज्यव्यापी आंदोलन कर रही है।
सांसद बोंडे ने गायकवाड का समर्थन तो नहीं किया लेकिन वह खुद भी अपनी वाणी पर नियंत्रण नहीं रख पाए। बोंडे ने कहा कि जीभ छांटने की बात करना उचित नहीं है, लेकिन आरक्षण को लेकर राहुल गांधी का बयान भयानक है। इसलिए अगर कोई इस तरह का उल्टा बयान देता है, कोई विदेश में जाकर अनाप-शनाप बोलता है तो उसकी जीभ छांटने की बजाय जीभ को किसी गर्म वस्तु से चटका लगाना चाहिए। बोंडे के इस बयान पर कांग्रेस फिर से भड़क गई है।
शिंदे के विधायक ने उगला और जहर विवाद खड़ा होने के बाद एक तरफ विधायक गायकवाड़ ने कहा है कि वह अपने शब्द वापस लेने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले आरक्षण बयान के लिए राहुल को मुंबई स्थित चैत्यभूमि अथवा नागपुर स्थित दीक्षा में भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर से माफी मांगनी होगी। तो वहीं दूसरी तरफ मीडिया में उनका एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें बुलढाणा जिले में होनेवाले 'लाडली बहन' योजना से संबंधित कार्यक्रम में संभावित विरोध प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में गायकवाड कह रहे हैं कि मेरे कार्यक्रम में विरोध के लिए आनेवाले कांग्रेसी कुत्ते को मैं वहीं दफन कर दूंगा। गौरतलब हो कि इस कार्यक्रम में खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे संबोधित करनेवाले हैं। एफआईआर दर्ज फिलहाल विवादित बयान मामले में विधायक गायकवाड के खिलाफ बुलढाणा सिटी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। तो वहीं सांसद बलवंत वानखेडे व विधायक यशोमति ठाकुर ने विवादित बयान मामले में अमरावती पुलिस आयुक्तालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया, जिसके बाद सांसद बोंडे के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
बोंडे को अक्ल नहीं कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि भाजपा सांसद डॉ. अनिल बोंडे को इतनी अक्ल नहीं होगी कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के प्रति किस भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। बुलढाणा का शिंदे गुट का विधायक, संजय गायकवाड़ एक बुद्धिहीन, आपराधिक प्रवृत्ति वाला व्यक्ति, उसे विधायक कहना भी चाहिए कि नहीं, यह सवाल उठता है, लेकिन राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे जैसे पढ़े-लिखे व्यक्ति को भी राहुल गांधी के बारे में बात करने की तहजीब नहीं है। इससे साफ हो जाता है कि बीजेपी नेताओं में अहंकार कूट-कूट कर भरा हुआ है। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष नाना पटोले ने नरेन्द्र मोदी, अमित शाह व देवेन्द्र फड़नवीस को टैग करके लिखा कि आप लोग अपने पार्टी के नेताओं की भाषा देख लीजिए।
जुबान हमारे पास भी है
सांसद वर्षा गायकवाड़ ने अपने बयान में कहा कि सत्ताधारी नेता सुन लें जुबान हमारे पास भी है, हम भी बहुत कुछ बोल सकते हैं.. पर हमें पता है कि पद की गरिमा क्या होती है, सभ्य व्यवहार क्या होता है..? लोकसभा परिणामों के बाद इनके पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई है। राहुल गांधी की यशस्वी विदेश यात्रा और बढ़ती हुई लोकप्रियता इनसे सहन नहीं हो रही और इसी वजह से ये जान बूझकर ऐसे बेतुके बयान दे रहे हैं। मेरा गृहमंत्री और मुख्यमंत्री से सवाल है, इस तरह की भाषा का समर्थन क्यों कर रहे हैं..? संजय गायकवाड और अनिल बोंडे की गिरफ्तारी कब होगी..? मेरा स्पष्ट आरोप है कि ये बयान नरेंद्र मोदी और अमित शाह के कहने पर दिए जा रहे हैं क्योंकि राहुल गांधी, जाति जनगणना की मांग लगातार कर रहे हैं और वे जनता का ध्यान इस विषय से हटाना चाहते हैं। जनता इस विषय पर राहुल के साथ है। भाजपा आरक्षण विरोधी है और इसलिए इस प्रकार के हथकंडे अपना रही है।
बालासाहेब थोरात बोले-
विधानसभा में कांग्रेस के नेता बालासाहेब थोरात ने कहा कि प्रगतिशील महाराष्ट्र की सभ्य राजनीतिक परंपरा को खत्म करने का जो काम 2014 में शुरू हुआ था, वह दिन-ब-दिन गिरता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी और शिंदे की शिवसेना के नेता आए दिन महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा को कलंकित कर रहे हैं। उनके नेता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन बात करने वालों को मौन समर्थन दे रहे हैं जो बहुत खतरनाक है। उनकी पार्टी के नेता जिन्होंने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय संजय गायकवाड़ और अनिल बोंडे का समर्थन किया, वे भी उनके समान दोषी हैं। उन्होंने कहा कि देश को आजादी दिलाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ जो किया गया, वही राहुल गांधी के साथ किया जा रहा है, यह अस्वीकार्य है।
राहुल के विदेश दौरे पर लगे रोक
विधायक व महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले का कहना है कि राहुल गांधी जब भी विदेश जाते हैं तो भारत विरोधी बयान देते हैं, इसी वजह से उनकी विदेश यात्रा पर रोक लगाना जरूरी हो गया है। जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अब राहुल ने आरक्षण विरोधी बयान दिए हैं। इस तरह देखा जाए तो पूरा गांधी परिवार ही आरक्षण विरोधी है। विदेश में राहुल गांधी के जो पेट में था, वह उनके मुंह में आ रहा है। राहुल जब महाराष्ट्र दौरे पर आएंगे, तब उनसे ओबीसी, एसटी समुदाय के लिए आरक्षण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहेंगे।