नेता प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे (सोर्स सोशल मीडिया) 
मुंबई

महाराष्ट्र: प्रफुल पटेल-तटकरे ने फडणवीस से की मुलाकात, सुनेत्रा पवार को वित्त विभाग देने की मांग

Maharashtra Politics: मानसून सत्र से पहले महाराष्ट्र में वित्त विभाग को लेकर खींचतान तेज। राकां नेताओं ने सीएम फडणवीस से मुलाकात कर डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार को वित्त मंत्रालय सौंपने की मांग की।

रूपम सिंह

Maharashtra Politics Devendra Fadnavis: 22 जून से शुरू होने वाले महाराष्ट्र विधान मंडल के मानसून सत्र से ठीक पहले राकां नेताओं ने मलाईदार वित्त विभाग को वापस हासिल करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी के सीनियर नेता प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर उनसे औपचारिक तौर पर अनुरोध किया है कि वित्त विभाग को डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुनेत्रा पवार को फिर से दिया जाए। पूर्व डिप्टी सीएम अजीत पवार के पास वित्त विभाग का भी काम था। लेकिन उनके निधन के बाद यह विभाग सीएम फडणवीस ने अपने पास रख लिया था।

विधान मंडल के बजट सत्र से ठीक पहले 28 जनवरी को एक विमान हादसे में अजीत पवार की मौत हो गई थी। अजीत पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने डीसीएम पद की शपथ ली थी। लेकिन उन्हें वित्त विभाग की जिम्मेदारी नहीं दी गई। अजीत पवार के निधन के बाद अपने शुरुआती फैसले का बचाव करते हुए, सीएम फडणवीस ने कहा कि बजट सिर्फ एक भाषण तक सीमित नहीं होता है। इसके लिए बड़ी डिपार्टमेंटल मीटिंग की ज़रूरत होती है।

अजीत पवार के निधन के तुरंत बाद सुनेत्रा पवार के लिए इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालना मुमकिन नहीं था। लेकिन अब राकां नेताओं का मानना है कि करीब 5 महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद सुनेत्रा पवार ने अपने कामकाज को अच्छे तरीके से संभाल लिया। ऐसे में अब वित्त विभाग की जिम्मेदारी उन्हें मिलनी चाहिए। राकां का यह भी दावा है कि लम्बे समय से वित्त विभाग उनके पास रहा है। इसलिए इस विभाग पर उनका हक बनता है।

बीजेपी अपने पास रखना चाहती है वित्त विभाग

सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग बीजेपी अपने पास रखना चाहती है। उनका मानना है कि प्रमुख योजनाओं के लिए फंड व अन्य वित्तीय फैसले लेना एक अहम् जिम्मेदारी है। डीसीएम सुनेत्रा पवार के अनुभव को देखते हुए यह काम आसान नहीं होगा, जबकि राकां नेताओं को लग रहा है कि मलाईदार वित्त विभाग उनके पास आ जाने के बाद वे कई अहम फैसले ले सकते हैं। साथ ही कैबिनेट में भी उनकी अहमियत बढ़ेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सीएम राकां को वित्त विभाग देने के लिए राजी होंगे।

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